साथ जीने-मरने की कसमें खाने का चलन फिल्मों में तो आम है, लेकिन यह बात उनकी ज़िंदगी में तब साबित हुई जब मध्य प्रदेश के मंदसौर ज़िले के शामगढ़ के मेलखेड़ा गाँव में एक दंपत्ति ने एक साथ दम तोड़ दिया। पत्नी अपने पति से 10 मिनट भी अलग नहीं रह सकी और पति की मौत के बाद उसने भी अपने प्राण त्याग दिए। दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ, तो हर आँख नम हो गई। मुक्तिधाम में दोनों की चिताओं का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
ग्राम पंचायत मेलखेड़ा में वार्ड क्रमांक 10 के पंच दयाल मेघवाल (68) और उनकी पत्नी कंचन बाई (65) दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। इससे पूरे गाँव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने बताया कि दयाल मेघवाल लंबे समय से सांस की बीमारी से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ बुधवार शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जब उनकी पत्नी कंचनबाई को अपने पति की मौत की खबर मिली, तो वह सदमे में चली गईं और पति का वियोग सहन नहीं कर सकीं और 10 मिनट बाद ही उनकी मृत्यु हो गई।
इंदौर में दंपत्ति की मृत्यु के बाद, परिजन उन्हें अपने गाँव ले गए जहाँ गुरुवार को दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। पति की मौत के सदमे में पत्नी की इस खबर ने सभी को भावुक कर दिया। ऐसा लग रहा था मानो पूरा गाँव दयाल मेघवाल और उनकी पत्नी कंचनबाई को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा हो ।








