अयोध्या राम मंदिर में द्वितीय प्राण प्रतिष्ठा के बाद राजा राम के साथ माता सीता और तीनों भाई के लिए पहला रक्षाबंधन का त्योहार अति विशिष्ट और ऐतिहासिक होने जा रहा है।
श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त पर सभी विग्रहों को बड़ी बहन शांता की ओर से मधुबनी की शैली पर बनी जरी और मोतियों की राखियां बांधी जाएंगी।
जिले में श्रृंगी ऋषि आश्रम से 6वें श्री रामलला रक्षाबंधन महोत्सव के तहत चार दिवसीय आयोजन संपन्न किए जाएंगे।

क्या है पौराणिक मान्यता
शृंगी बाबा सेवा संस्थान के पदाधिकारी ने बताया कि पौराणिक मान्यता है कि पुत्रेष्टि यज्ञ के मूर्धन्य आचार्य श्री श्रृंगी ऋषि जी का विवाह चक्रवर्ती महाराज दशरथ की पुत्री देवी शांता के साथ हुआ था। इस कारण से रक्षाबंधन के पर्व पर देवी शांता की ससुराल से प्रभु श्रीराम व उनके अनुजों के लिए रक्षासूत्र कारसेवकपुरम पहुंचेगा।








