भोपाल, मध्यप्रदेश — राजधानी भोपाल में शनिवार को आयोजित एक सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस उस वक्त विवादों में घिर गई जब कार्यक्रम में नॉनवेज स्नैक्स परोसे गए। कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य राज्य सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियाँ बताना था, लेकिन नाश्ते में कीमा वड़ा पाव और फिश कटलेट परोसे जाने से माहौल गर्मा गया।
‘धर्म भ्रष्ट’ कहकर भड़के प्रतिभागी
सूत्रों के अनुसार, उपस्थित कुछ लोगों ने अनजाने में नॉनवेज खानपान ग्रहण कर लिया। बाद में जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी मिली, कई लोग स्वयं को “धर्म भ्रष्ट” घोषित करते हुए नाराजगी जताने लगे। कार्यक्रम स्थल पर ही हंगामे के हालात बन गए और अफसरों को स्थिति संभालने में काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
मंत्री की सफाई और कार्रवाई के निर्देश
विवाद बढ़ने पर राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने तत्काल अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने कहा कि नॉनवेज परोसने का निर्णय उनके निर्देश पर नहीं हुआ और उन्होंने ऐसी किसी व्यवस्था की मंजूरी नहीं दी थी। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई और चाय-पानी की व्यवस्था करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए। जायसवाल ने कहा, “यह गलती असावधानीवश हुई है, इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।”
कांग्रेस का पलटवार: ‘सरकारी नियमों की उड़ाई धज्जियां’
इस घटना को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा सरकार ने पहले यह नियम बनाया था कि किसी भी शासकीय आयोजन में मांसाहार नहीं परोसा जाएगा, फिर अब यह किस नीति के तहत हुआ? उन्होंने सवाल उठाया कि “क्या यह सरकार के अपने नियमों की अवहेलना नहीं है?”
कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि सरकार स्पष्ट करे — सरकारी कार्यक्रमों में मांसाहारी व्यंजन परोसने को लेकर वर्तमान नीति क्या है, और इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने किया नुकसान नियंत्रण शुरू
हंगामे के बाद विभाग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से संबंधित कैटरिंग ठेकेदार से लिखित जवाब मांगा है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने खाद्य सूची में नॉनवेज बताना “टाइपिंग मिस्टेक” बताया है, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार व्यंजन स्पष्ट रूप से मांसाहारी थे।








