भोपाल। मध्यप्रदेश में 2026 के सरकारी छुट्टियों का कैलेंडर जारी। 238 कार्यदिवस, 23 सार्वजनिक अवकाश, संतान पालन लीव में वेतन संशोधन। गणेश चतुर्थी नई छुट्टी, जानें शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए नियम। प्रदेश सरकार ने 2026 के सरकारी अवकाशों का कैलेंडर अधिसूचित कर दिया, जिसके तहत कार्यालय 238 दिनों तक ही संचालित रहेंगे और कर्मचारियों को 127 अवकाश दिवस प्राप्त होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग के इस निर्णय से 6.5 लाख से अधिक शासकीय सेवकों को कार्य-जीवन संतुलन में सहायता मिलेगी, हालांकि कुछ प्रस्ताव रद्द होने से निराशा भी है.

कुल अवकाश का विभाजन
ये 127 दिन 52 शनिवार, 52 रविवार तथा 23 गजटेड अवकाशों से बने हैं, जिसमें गणेश चतुर्थी (14 सितंबर) को पहली बार जोड़ा गया। पूर्व वर्ष से एक अतिरिक्त छुट्टी मिलने से उत्साह है, मगर 6 प्रमुख उत्सव वीकेंड पर गिरने से लगातार अवकाश की कमी खलेगी।[5][6][1]
वैकल्पिक छुट्टियों की सुविधा
62 वैकल्पिक अवकाशों में से कर्मचारी तीन का चयन कर सकेंगे, जो स्थानीय परंपराओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। यह प्रावधान व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप लचीलापन देगा, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए।

लीव नियमों का नया स्वरूप
1 जनवरी 2026 से लागू सिविल सेवा अवकाश नियमों में संतान पालन लीव के लिए पहले वर्ष पूर्ण वेतन, दूसरे में 80 प्रतिशत भत्ते का प्रावधान किया गया। वार्षिक तीन प्रयास की सीमा रहेगी, किंतु एकल माताओं को छह तक अनुमति; साथ ही 4.5 लाख शिक्षकों को 10 दिन अर्जित लीव की पात्रता।
कार्य प्रणाली में स्थिरता
सोमवार से शुक्रवार की पांच-दिवसीय व्यवस्था कोविडकालीन विरासत के रूप में जारी रहेगी, जबकि शनिवार कार्य दिवस बहाली या घंटे वृद्धि के सुझाव ठुकराए गए। भोपाल जिला द्वारा दशहरा पूर्व स्थानीय अवकाश का अनुरोध भी मुख्य सचिवालय ने अस्वीकार कर दिया, अक्टूबर की भारी छुट्टियों का हवाला देकर।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने कर्महितकारी नीतियों पर जोर देते हुए ये बदलाव किए, जो उत्पादकता व कल्याण दोनों संतुलित रखेंगे। कर्म संघों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जो आगे बहस को गति देंगी।







