झारखंड के संवेदनशील आदिवासी इलाके दुमका में एक और शर्मनाक अपराध ने समाज को झकझोर दिया। सोमवार को बासुकीनाथ मंदिर मेले का मजा लेने गई एक आदिवासी किशोरी उसके चाची के परिचित युवक के चंगुल में फंस गई। घर लौटते वक्त सुनसान बाराटांड़ के जंगल में उसे बेरहमी से शोषित किया गया। मंगलवार को पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए जरमुंडी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
किशोरी ने पुलिस को बताया कि चाची के साथ हाट बाजार घूमने के बाद दोनों मोटरसाइकिल पर सवार होकर मेले पहुंचीं। वहां विजय मुर्मू नामक युवक चाची के संकेत पर आया। तीन-चार घंटे मेले में बिताने के बाद सोगरा मोड़ पर चाची नाश्ता लेने उतरीं। उन्होंने किशोरी को भरोसा दिलाया कि विजय देवघर का भरोसेमंद है, उसके साथ आगे चली जाए। लेकिन आरोपी ने रास्ता मोड़ लिया और पहाड़ी इलाके में दो अन्य युवकों के साथ मिलकर दो-तीन घंटे तक किशोरी को बंधक बनाए रखा। जाते समय जान से मारने की धमकी दी।
जरमुंडी थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि मामला दर्ज हो गया है। आरोपी विजय मुर्मू सोनारायठाड़ी देवघर का निवासी है। पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं, साथी युवकों की भी तलाश है। चाची की भूमिका की भी जांच चल रही, क्योंकि उन्होंने ही युवक को बुलाया था। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है।








