मध्यप्रदेश

शराब मौत और सियासत! इतनी सख्ती के बाद भी कैसे बनती है जहरीली शराब और परोसी जाती है?

भोपाल: प्रदेश में एक बार फिर ज़हरीली शराब पर आरोप और सफाई का सिलसिला चला है। इस बार मंदसौर में ज़हरीली शराब पीने के बाद 3 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है और कई और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाए गए हैं। मामले में लापरवाही बरतने वाले अफसरों SI, TI और आबकारी अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है, लेकिन मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेरते हुए पूछ रहा है माफिया को कब टांगा जाएगा? कब गाड़ा जाएगा? इधऱ, सरकार ने फिर वही सफाई दी है कि अवैध और नशीली शराब मामले में दोषिय़ों पर कार्रवाई जारी है। साथ ही विपक्ष पर तंज कसा है कि कुछ लोगों को ये कार्रवाईयां नजर ही नहीं आती हैं। मूल सवाल ये है कि आखिर इतनी सख्ती और कार्रवाईयों के बाद भी अलग-अलग जिलों में कैसे जहरीली शराब बनती और परोसी जाती है?

Alcohol death and politics : मामला जगदीश देवड़ा के विधानसभा क्षेत्र के खकराई गांव का है, जहां जहरीली शराब पीने से तीन लोगों की मौत हो गई। इन मौतों के तत्काल बाद टीआई, एसआई को लाईन हाजिर करने के साथ साथ न सिर्फ आबकारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया बल्कि अवैध शराब के ठिकानों पर कार्रवाई की गई। वैसे ये कार्रवाई होती उससे पहले ही इस पर सियासी रंग चढ़ चुका था।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया कि शिवराज सरकार में प्रदेश के उज्जैन, मुरैना, भिंड, ग्वालियर के बाद अब प्रदेश के मंदसौर ज़िले के खकराई गांव में ज़हरीली शराब से 3 लोगों की मौत और कुछ लोगों की गंभीर हालत की ख़बर सामने आयी है। प्रदेश के आबकारी मंत्री के क्षेत्र की यह स्थिति? पता नही शिवराज सरकार में माफिया कब गढ़ेंगे , कब टगेंगे, कब लटकेंगे? माफ़ियाओ के हौसले बुलंद ? मै सरकार से माँग करता हूं कि इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच हो, पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद हो, शिवराज जी की पूर्व की घोषणा अनुसार दोषियों और ज़िम्मेदारों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो। जाहिर तौर पर कांग्रेस इस मुददे को बेहद आक्रमक तरीके से उठाकर सरकार को कटघरे में खड़ा करने में जुटी है। कांग्रेस ने चार सदस्यों की कमेटी भी बनाई है जो मौक़े पर जाकर पूरे मामले की जांच करेगी और रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।

दूसरी तरफ सरकार भी तत्काल एक्शन में आ गई, न सिर्फ जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की गई बल्कि खुद कमिश्नर और आईजी ने अस्पताल और खकराई गांव में पहुंच कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। अपने क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद विपक्ष के निशाने पर आए आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने पलटवार करते हुए कहा कि अपराधी मंत्री का क्षेत्र देखकर अपराध नही करता और ये कहीं भी हो सकता है।

दरअसल इस इलाके में अधिकारियों और शराब माफिया की मिलीभगत से काफी समय से अवैध शराब की बिक्री की जा रही थी। तीनों मृतकों ने भी एक ही किराना दुकान से शराब ली थी, जिसे पीने के बाद उनकी मौत हो गई। वैसे भी पिछले दो साल में जहरीली शराब से करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है और हर बार इसे लेकर काफी बहस भी होती है लेकिन नहीं होती है तो कोई ठोस कार्रवाई।

हुड़दंग न्यूज

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