मनोरंजन

Anil Ambani – बिकने वाला था अनिल अंबानी के सपनों का महल, आख‍िर वक्‍त पर अपनों ने बचा लिया

Anil Ambani – बांद्रा के पाली हिल में एक अधूरे टावर और 1.4 एकड़ जमीन पर कुछ समय पहले कई बिल्डरों की नजर पड़ी। कहा जा रहा है कि अनिल अंबानी के सपनों का घर बनेगा। संपत्ति को पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस द्वारा नीलामी के लिए रखा गया था। लेकिन बाद में इससे कदम उठाए गए।

Anil Ambani –  बिकने वाला ही था पाली हिल टावर और 1.4 एकड़ जमीन
Anil Ambani देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के पॉश इलाकों में से एक। कुछ महीने पहले की बात है। यहां सभी अनुभवी बिल्डरों द्वारा देखी गई संपत्ति है। जमीन रिलायंस पावर की है। माना जा रहा है कि उद्योगपति अनिल अंबानी का नया सपनों का घर बनेगा। एक अधूरा टावर भी बनाया गया है। पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस ने टावर और 1.4 एकड़ जमीन को नीलामी के लिए रखा।

Anil Ambani हालांकि बाद में इस संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई। बिल्डरों को निजी तौर पर बताया गया कि संपत्ति बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं थी। क्या हुआ इस सब के बाद? पिरामल समूह के अध्यक्ष अजय पीरामल संपत्ति को बाजार से हटाने के लिए तैयार हैं। रियलिटी इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक इसे फैमिली इश्यू बताया गया है। पीरामल के बेटे का नाम आनंद है। अनिल अंबानी के बड़े भाई और दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी की बेटी ईशा आनंद की पत्नी।

कहानी इस साल की शुरुआत से शुरू होती है। पिरामल कैपिटल ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) से संपर्क किया। रिलायंस पावर के खिलाफ इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 की धारा 7 के तहत याचिका दायर की गई थी। यह मामला 500 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण चूक से संबंधित है।

Anil Ambani – यह कैसे हुआ?
Anil Ambani रिलायंस पावर और उसकी सहायक कंपनी रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (डीएचएफएल) से कर्ज लिया। डीएचएफएल को बाद में पीरामल ग्रुप ने अधिग्रहित कर लिया था। यह डील 2021 में 34,250 करोड़ रुपये में की गई थी। इस प्रकार डीएचएफएल का पिरामल कैपिटल में विलय हो गया।

डीएचएफएल दिवालिया हो गया। बकाएदारों पर 90 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था। इनमें बैंक, म्यूचुअल फंड और निजी निवेश शामिल थे। पैसे की वसूली के लिए पाली हिल में अनिल अंबानी टॉवर की नीलामी की गई थी।

हालांकि 13 जुलाई को एक मामला एनसीएलटी की मुंबई बेंच के सामने आया। मामले की सुनवाई के दौरान पीरामल फाइनेंस और रिलायंस पावर ने कहा कि वे मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। दो सदस्यीय पीठ ने आदेश पारित किया। बताया जाता है कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से यह अनुरोध किया है। उन्होंने छह सप्ताह का समय मांगा। इसमें क्लेम सेटलमेंट का जिक्र है। मामले की अगली सुनवाई 5 सितंबर 2022 को निर्धारित है। दोनों पक्षों को विवाद को बाद की तारीख तक सुलझाना होगा। बाद में तारीख न देने को कहा।

Anil Ambani – एक दशक पहले बनना शुरू हुआ था घर
पाली हिल टावर का निर्माण एक दशक पहले शुरू हुआ था। लेकिन कुछ साल पहले काम बंद हो गया। सच तो यह है कि पाली हिल्स के निवासियों का कहना है कि परियोजना स्थल लंबे समय से वीरान पड़ा है। यहां कोई गतिविधि नहीं हो रही है। यह कभी बॉम्बे उपनगरीय बिजली आपूर्ति (बीएसईएस) के अध्यक्ष का आधिकारिक बंगला था। 2000 में, रिलायंस ने बीएसईएस का अधिग्रहण किया। यह आलीशान बंगला भी इसके अंदर आता है। 2005 में जब अंबानी बंधु अलग हो गए, तो अनिल अंबानी को बिजली का कारोबार मिला। इसके साथ ही पाली पहाड़ का प्लॉट भी उसके अधीन आ गया।

Anil Ambani – अपनों ने ब‍िकने से बचा ल‍िया
Anil Ambani कुछ महीने पहले प्रॉपर्टी मार्केट में एक खबर आई थी। कहा जाता है कि एक निर्माण समूह ने अधूरे टॉवर को खरीदने के सौदे को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। इसके अलावा जमीन भी खरीदनी थी। यह डील 800 करोड़ रुपये में होनी थी। हालांकि, समझौते को लागू नहीं किया गया था। कुछ अन्य निर्माताओं ने भी पीरामल समूह से संपर्क किया। यह और बात है कि उन्हें बताया गया कि संपत्ति बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं थी।

Anil Ambani हमारे सहयोगी टीओआई के पास उपलब्ध भवन योजना के अनुसार, पहले पांच स्तर सुविधाएं प्रबंधन, एजेंटों के छात्रावास, भंडारण, सुरक्षा, चालक क्षेत्र आदि हैं। इसमें इलेक्ट्रिकल रूम, जिम और किचन भी है। भूतल और प्रथम तल पर पूजा मंडप है। इमारत में एक एडमिन हॉल, एंट्रेंस लॉबी और क्लब हाउस भी है। दूसरी मंजिल से 11वीं मंजिल तक रहने की व्यवस्था की जाए।

Anil Ambani - बिकने वाला था अनिल अंबानी के सपनों का महल, आख‍िर वक्‍त पर अपनों ने बचा लिया
photo by google

Also Read –  Cement – मकान बनाने खुशखबरी, घट गए सरिया, सीमेंट सहित इन चीजों के दाम

Also Read – Maruti Alto फिर अपने नए अंदाज में,फीचर्स के साथ लुक भी है बहुत जबरदस्त,देखिए

Also Read – Taarak Mehta – नहीं रही दया बैन

Also Read – पांच साल में भी 63 करोड़ के निर्माण कार्य ठण्डे बस्ते में

Important  अपने आसपास की खबरों को तुरंत पढ़ने के लिए एवं ज्यादा अपडेट रहने के लिए आप यहाँ Click करके हमारे App को अपने मोबाइल में इंस्टॉल कर सकते हैं।

Important :  हमारे Whatsapp Group से जुड़ने के लिए यहाँ Click here करें।

हुड़दंग न्यूज

हुड़दंग न्यूज (दबंग शहर की दबंग खबरें) संवाददाता की आवश्यकता है- संपर्क कीजिये-  hurdangnews@gmail.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button