सतना

जन्म प्रमाण के लिए बाबू ने मांगे 12 सौ, सीएमएचओ ने किया सस्पेंड

❘सतना सरकारी कुर्सी में बैठने वाला अमला वो भी जो प्रमुख शाखाओं का प्रभारी हो। नियमों को पैरों तले रौंद गरीबों से भी सौदेबाजी करने से बाज नहीं आते। स्वास्थ्य विभाग में जन्म-मृत्यु शाखा प्रभारी के हाल भी कु छ ऐसे ही हैं। जो जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए मुंह मांगी रकम वसूल रहा था। वीडियो वायरल हुआ और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सौदेबाज बाबू को निलंबित कर दिया है। मामला मैहर सिविल अस्पताल का है जहां शाखा प्रभारी आशा कार्यकर्ता से जन्म प्रमाण बनाने के लिए 12 सौ रुपए की मांग की। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ और सीएमएचओ ने बाबू को सस्पेंड करते हुए मलेरिया आफिस में अटैच कर दिया है। हालांकि कहा जा रहा है कि बाबू की मंसा तो लंबे अर्से से थी कि उसकी पोस्टिंग सतना कर दी जाए और सीएमएचओ के आदेश में सहायक ग्रेड -3 सतना तो आ गया पर मुराद सजा के तौर पर पूरी हुई।

 

दो प्रमाण के मांगे थे 12 सौ

स्वास्थ्य विभाग में मैहर सिविल अस्पताल की जन्म मृत्यु शाखा के प्रभारी गणेश प्रसाद गुप्ता से आशा कार्यकर्ता ने जन्म प्रमाण पत्र बनाने की गुजारिस की तो पहले बाबू ने मना कर दिया कि प्रसव सिविल अस्पताल में नहीं हुआ है लिहाजा यहां से प्रमाण पत्र नहीं बनेगा। इसके बाद संभव है कि आशा को बाबू गुप्ता के लेन देन के कारोबार के बारे में पहले से जानकारी रही होगी लिहाजा आशा ने सीधे पूंछा कि सर बताईये कितना लेंगे। बाबू ने डंके की चोट पर कह डाला कि 12 सौ रुपया लगेगा। सोशल मीडिया में बाबू का सौदा करने का वीडियो भी वायरल हुआ और बाबू की करतूत का इनाम सीएमएचओ डॉ एके अवधिया ने निलंबित करके दिया। दरअसल आशा कार्यकर्ता ने दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कहा था और यह पूंछा कि दोनो का कितना लेंगे,वीडियो में बाबू बता रहा है कि 12 सौ लगेंगे। जबकि आशा भी कह रही है कि 12 सौ बहुत है और सबसे बड़ी बात ये कि आशा ने भी पहले से ही हाथ में पैसे ले रखे हैं। सीधा मतलब है कि यहां लंबे अर्से से ये सौदे बाजी का कारोबार चल रहा है।

12 सौ बहुत है 4 सौ लीजिए

वायरल वीडियों में आशा कार्यकर्ता बाबू गणेश गुप्ता से कह रही है कि 12 सौ रुपया बहुत है 400 ले लीजिए एक ही प्रमाण पत्र बना दो पर बाबू ने डिमांड कर दी तो देना ही है। सूत्रों की मोन तो बाबू सतना में पदस्थ होने के लिए कई बार आवेदन कर चुका है पर उसका तबादला नहीं हुआ। निलंबित करते हुए सीएमएचओ गणेश गुप्ता को सतना में ही मलेरिया कार्यालय में अटैच कर दिया है। सवाल ये है कि आशा के हाथ में पहले से पैसे हैं और आशा अपना नहीं किसी दूसरे के बच्चे का प्रमाण पत्र बनवाने गई थी लिहाजा आशा की कार्यप्रणाली भी सवालों में है।

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