छिंदवाड़ा -गणेशोत्सव पर्व पर पूरा शहर भगवान श्रीगणेश की भक्ति में डूबा नजर आ रहा है। गली-मोहल्लों में सजे पूजा पंडालों में आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही हैं, तो घरों में भी गणपति बप्पा की स्थापना कर विशेष साज-सज्जा की गई है।
बच्चों और युवाओं ने घरों में अपनी कल्पनाओं के रंग भरते हुए मनमोहक झांकियां सजाई हैं। सुबह-शाम विधि- विधान से भगवान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना के साथ तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाया जा रहा है। भगवान श्रीगणेश को प्रिय माने जाने वाले मोदक इस बार घरों में अलग-अलग स्वाद और अंदाज में तैयार किए जा रहे हैं।
पारंपरिक मोदक के साथ नारियल, गुड़, मावा, ड्राइफूरट, चॉकलेट और तिल से लेकर कई तरह के नए फ्लेवर के मोदक भी बनाए जा रहे हैं।
प्रसाद में दिख रही परंपरा और नए स्वाद की झलक:
गणेशोत्सव के दौरान घरों में तैयार किए जा रहे प्रसाद में परंपरा और आधुनिक स्वाद का खूबसूरत मेल देखने को मिल रहा है। घरों में जहां पारंपरिक व्यंजनों को प्राथमिकता दी जा रही है, वहीं युवा और बच्चे नए स्वाद वाले मोदक व मिठाइयां पसंद कर रहे हैं।
कहीं नारियल-गुड़, तो कहीं ड्रायफ्रूट मोदक
शहर में कई परिवार इस बार गणपति भोग के लिए पारंपरिक पकवानों के साथ कुछ नए व्यंजन भी तैयार कर रहे हैं। किसी घर में बेसन के लड्डु और खीर बन रही है, तो कहीं पूड़ी-सब्जी, श्रीखंड, हलवा का प्रसाद तैयार किया जा रहा है। बच्चों की पसंद को देखते हुए चॉकलेट मोदक और ड्रायफ्रूट मोदक भी बनाए जा रहे हैं। वैशाली बताती हैं कि इस बार घर पर नारियल और गुड़ से बने पारंपरिक मोदक तैयार किए हैं।
इसके साथ ही भगवान को बेसन के लड्डू और खीर का भोग लगाया जा रहा है। कुसुम सिंह का कहना है कि इस वर्ष भगवान गणेश जी के लिए ड्रायफ्रूट मोदक बनाए हैं। इनमें काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही भगवान को पूड़ी-सब्जी और हलवे का भोग भी लगा रहे हैं।

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