मध्यप्रदेशसिंगरौली

Coal transportation – कोल ट्रान्सपोर्टरों बढ़ा रहे टेंशन

Coal transportation : सरई नगर मार्ग से 14 घण्टे तक लगातार नो इन्ट्री का मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। अब नगरवासियों के बाद ट्रान्सपोर्टरों ने जिला प्रशासन की टेंशन बढ़ा रहे है।

कोल ट्रान्सपोर्टरों ने नो-इन्ट्री का समय देख सरई मार्ग से कोयला परिवहन करने आना-कानी शुरू कर दिया है। सरई नगर परिषद क्षेत्र में आये दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुये नगरवासियों के मांग पर जिला प्रशासन ने नो-इन्ट्री के समय फेरबदल कर दिया है। सरई कस्बा में प्रात: 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक नो-इन्ट्री घोषित है।

 कोल एवं भारी वाहनों को सरई कस्बा के मार्ग में 14 घण्टे तक प्रवेश पूर्णत प्रतिबंधित है। लगातार 14 घण्टे तक नो-इन्ट्री लगे रहने से सबसे आर्थिक क्षति कोल ट्रान्सपोर्टरों की हो रही है। आलम यह है कि करीब 5 दिनों से सरई नगर से एक किलामीटर दूर कोल वाहनों की लम्बी-लम्बी कतारे लग जा रही हैं।

वही इस दौरान क ई कोल वाहनों को 14 घण्टे तक आने जाने के लिए इंतजार क रना पड़ता है। इस दौरान उन्हें क ई कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है। एक ओर जहा चालको को जहा भोजन नसीब नही हो रहा है। वही दूसरी ओर कोयले का ज्यादा ट्रीप न लगाने से जेब पर भी असर पड़ रहा है।

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उधर आधा दर्जन से अधिक कोल ट्रान्सपोर्टर (Coal transportation)लगातार 14 घण्टे नो-इन्ट्री होने से घाटे का सौदा मानते हुये सुलियरी कोल ब्लाक से सरई मार्ग से कोयला परिवहन करने में अब पीछे हटने लगे हंै। कई ट्रान्सपोर्टरों ने अपनी पीड़ा सुनाते हुये बताया की सरई मार्ग से कोयले का परिवहन करना मुश्किल हो रहा है। कोल वाहन चालक ही हाथ खड़े कर दे रहे हैं। कई चालकों को पूरे दिन भूखे-प्यासे रहना पड़ता है। जहां से नो-इन्ट्री लगाई गई है दूर-दूर तक चाय-नास्ता की दुकानें एवं होटल भी नही है।

साथ ही जितने ज्यादा से ज्यादा कोल वाहन चक्कर लगा कर कोयला परिवहन करेंगे उतना ही फायदा है। केवल 10 घण्टे के समय में केवल दो चक्कर ही किसी तरह हो पाता है। ऐसे में यह अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। कोयला परिवहन बंद करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नही दिख रहा है। कोल कंपनियां नही तलास रही दूसरा विकल्प ट्रान्सपोर्टरों का ही आरोप है कि कोल कंपनियों के साथ-साथ जिला प्रशासन भी उदासीन है। वाईपास मार्ग का निर्माण पूर्ण न होने से ऐसी स्थिति निर्मित है।

यदि वाईपास के तीन-चार के संख्या में निर्माणाधिन पुल-पुलियों का निर्माण कार्य कोल कंपनियां ही करा दे तो सारी समस्याएं ही दूर हो जाएंगी। लेकिन कोल कंपनियां विकल्प निकालने में ही गंभीर नही हैं। वही जिला प्रशासन भी इस मसले को समुले को समुचित तरीके से निराकरण नही करा पा रहा है। यह बात सत्य है कि सरई बाजार में सड़क दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है।

संक ीण सड़क एवं बीच बाजार से भारी वाहनों का आवाजाही का उचित नही है। मजबूरन कोल वाहन नगर के उक्त मार्ग से आ जा रहे हैं। जिस वक्त रात में नो-इन्ट्री खुलती है उस समय और ज्यादा जाम लगता है और दुर्घटनाओं का अंदेशा भी बना रहता है। कोल वाहन चालक इस दौरान जल्दबाजी में भाग-दौड़ शुरू कर देते हैं। ट्रान्सपोर्टरों ने(Coal transportation) इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है।

Coal transportation - कोल ट्रान्सपोर्टरों बढ़ा रहे टेंशन
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सुलेखा साहू

समाचार संपादक @ हुड़दंग न्यूज (दबंग शहर की दबंग खबरें) समाचार / लेख / विज्ञापन के लिए संपर्क कीजिये-  hurdangnews@gmail.com

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