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हुड़दंग न्यूज

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📅 Date: 20/09/2026
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✍️ Editor: Vijay Kumar
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सावधान - अगर आप देख रहे हैं पोर्न तो खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट!

यह एप्स पोर्नोग्राफी एप्स के रूप में आते हैं और Facebook, Instagram में दिखने वाले समान विज्ञापन के जरिए फैल जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक नाइट प्ले, रिलुक, कीच, बीमो जैसे नामों के पीछे एक उभरता हुआ फाइनेंशियल फ्रॉड इकोसिस्टम सामने आया, जिसका इस्तेमाल अनजान यूजर्स को निशाना बनाने और उनके पैसे चुराने के लिए किया जा रहा है। 

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By Vijay

यह एप्स पोर्नोग्राफी एप्स के रूप में आते हैं और Facebook, Instagram में दिखने वाले समान विज्ञापन के जरिए फैल जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक नाइट प्ले, रिलुक, कीच, बीमो जैसे नामों के पीछे एक उभरता हुआ फाइनेंशियल फ्रॉड इकोसिस्टम सामने आया, जिसका इस्तेमाल अनजान यूजर्स को निशाना बनाने और उनके पैसे चुराने के लिए किया जा रहा है। 

 

नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने खतरनाक एंड्राइड एप्स के जरिए होने वाले फाइनेंशियल फ्रॉड में बढ़ोतरी देखी है और एनसीओ को उन पर कड़ी नजर रखने के लिए भी अलर्ट किया गया है। 

 

फ्रॉड कैसे काम करता है यह बताते हुए एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि यह एप्स मुख्य रूप से Facebook, Instagram और विज्ञापन के जरिए आपके मोबाइल में फैल जाते हैं। इन विज्ञापनों पर क्लिक करने से यूजर पोर्नोग्राफिक कंटेंट वाली वेबसाइटों तक पहुंच जाते हैं जहां उन्हें एंड्राइड पैकेज किट एपीके डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। 

 

अधिकारी ने कहा कि इंस्टॉल के बाद एप ऐसी अनुरोध मांगता है जो आपसे आंतरिक एप इंस्टॉल करने की सुविधा देती है और एक्सेसिबिलिटी अनुमाति अनुमतियों का गलत इस्तेमाल करके यूजर के डिवाइस का कंट्रोल ले लेता है जिससे फाइनेंशियल फ्रॉड हो सकता है। 

 

अधिकारी ने कहा कि कुछ एप्स वीपीएन भी इंस्टॉल करते हैं जिसका इस्तेमाल अपराधिक गतिविधियों से जुड़े इंटरनेट ट्रैफिक को रूट करने के लिए किया जाता है। एप यूजर्स को डिवाइस सेटिंग के जरिए अनइंस्टॉल करने से रोका जा सकता है। 

 

एक बार यह सभी चरण पूरे हो जाने के बाद पीड़ित के बैंक अकाउंट तक पहुंच जाती है और पैसे चुरा लिए जाते हैं। अधिकारी ने बताया कि यह एप्स पीड़ित के डिवाइस को कंट्रोल करने के लिए एक्सेसिबिलिटी अनुमतियों का इस्तेमाल करते हैं जिसका मतलब है कि अपराधी के पास फोन स्क्रीन और पासवर्ड वन टाइम पासवर्ड तक पहुंच होती है और  ट्रांजैक्शन शुरू हो जाता है।

 

 

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