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हुड़दंग न्यूज

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📅 Date: 29/10/2026
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✍️ Editor: Vijay Kumar
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Karwa Chauth 2026 : करवा चौथ पर बादलों के कारण नहीं दिखे चांद तो कैसे खोलें व्रत? गुरुजी ने बताया अर्घ्य देने का तरीका

Karwa Chauth 2026 : करवा चौथ पर बादलों के कारण नहीं दिखे चांद तो कैसे खोलें व्रत? गुरुजी ने बताया अर्घ्य देने का तरीका

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By Vijay

आज गुरुवार को करवा चौथ का महिलाओं के द्वारा व्रत रखा गया है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद ही खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति के लंबी उम्र और अच्छी सेहत व सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। शाम के समय भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा पाठ विधि विधान से की जाती है। इसके बाद महिलाएं चंद्रमा को देखकर अर्ध्य देती हैं और पति का चेहरा देखकर अपना व्रत खोलती हैं। 

हालांकि आज अधिकतर शहरों में सुबह से ही मौसम खराब है। आसमान में बादल छाए हुए हैं। ऐसे में महिलाओं के मन में एक सवाल आ रहा है कि अगर बादलों के कारण चांद नहीं दिखे तो वह अपना व्रत कैसे खोलेंगी? इस विषय पर प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, कथावाचक और भगवती महाकाली शक्तिपीठ जम्मू कश्मीर के संस्थापक व पीठाधीश्वर स्वामी दिनेश भारती गुरुजी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि अगर बादलों के कारण चांद दिखाई ना दे तो महिलाएं इस विधि विधान से पूजा करके अर्ध्य दे सकती हैं।

 स्वामी दिनेश भारती गुरुजी के अनुसार अगर मौसम खराब होने के कारण चंद्रमा नहीं दिख रहे हैं तो महिलाएं घर पर ही श्रद्धा और विधि के साथ चंद्रदेव की पूजा कर सकती हैं। इसके लिए एक थाली में सफेद चंदन से पूर्ण चंद्रमा बनाएं। चंद्रमा के चारों तरफ अक्षत और सफेद फूल लगाएं। इसके बाद ओम चंद्राय नमः और ओम सोमाय नमः मंत्र का जाप करते हुए तीन बार थाली में अर्घ दें। पूजा करते समय मन में चंद्रदेव के प्रति श्रद्धा रख रखें और अपने पति की लंबी उम्र तथा परिवार के सुखी समृद्धि की प्रार्थना भी करें। 

स्वामी दिनेश भारती गुरुजी आगे बताते हैं कि चंद्रमा की पूजा करने के बाद भगवान शिव को प्रणाम करके उनकी भी पूजा जरूर करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान है। इसी के कारण उन्हें चंद्रशेखर भी कहा जाता है। चंद्रदेव की पूजा करने के बाद भगवान शिव को प्रणाम करें। इसके बाद हाथ जोड़कर तीन बार परिक्रमा करें और ओम सोमाय नमः तथा ओम चंद्राय नमः मंत्र का जाप करें। 

पूजा के बाद अर्ध्य के जल को अपने मंगलसूत्र, मांग और पति के सिर पर लगाएं। इसके बाद पूजा में इस्तेमाल की गई सामग्री को तुलसी के पौधे में अर्पित कर दें। इस तरह चंद्रमा ना दिखाई देने पर भी आप अपना व्रत खोल सकती हैं।

 

 

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