By Vijay
रोशनी के महापर्व दीपावली के पहले घर जाने वालों की भीड़ ट्रेनों के साथ ही शहर के जंक्शनों में दिखने लगी है। छुट्टी लेकर घर पर पर्व मनाने के लिए कामकाज लोगों ने अपने-अपने शहर की तरफ जाना शुरू कर दिया है। लम्बी वेटिंग और कन्फर्म टिकट नहीं मिलने के कारण कुछ स्लीपर कोच तो कुछ जनरल टिकट लेकर सैकड़ों किमी की यात्रा करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
कोई जनरल डिब्बे में कंबल का झूला बांधकर यात्रा कर रहे हैं तो कुछ ऐसे भी है जो स्लीपर कोच में जहां जगह मिल रही है वहां बैठकर अपने गंतव्य तक पहुंचने की जद्दोजहद कर रहा है। घर पर पर्व मनाने की खुशी में सफर की सभी तकलीफों को भुलाकर सभी यात्रा कर रहे हैं। ऐसे ही हाल दोपहर के समय पहुंची कटनी मुख्य जंक्शन पहुंची ट्रेन क्रमांक 11401 पुणे -सुपौल एक्सप्रेस के रहे।
दिव्यांग महिला परेशान
जंक्शन पहुंची इस ट्रेन के दिव्यांग व महिला के लिए आरक्षित कोच में बड़ी संख्या में पुरुष ठसाठस बैठे हुए थे। गेट से कोच में प्रवेश करने के दौरान महिला व दिव्यांग मुसाफिरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उनका कहना था कि लम्बे सफर के दौरान इतने स्टेशन निकल जाने के बाद भी कोई भी सुरक्षा कर्मी व टीटी जांच के लिए नहीं पहुंचा ऐसे ही हाल कटनी में भी हैं। उन्हें व बच्चों को शौचालय तक जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जांच करते नहीं दिखे जवान
पर्व के चलते ट्रेनों में मुसाफिरों की भीड़ बढ़ गई हैं। कटनी जंक्शन पर भी लम्बी दूरी की ट्रेनों से जाने वाले बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। लेकिन इस दौरान जीआरपी व आरपीएफ के जवान यहां पर सुरक्षा की दृष्टि के साथ ही महिला व दिव्यांग कोच में मनमानी कर बैठने पुरुषों को बाहर निकलने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना सफर के दौरान करना पड़ रहा है।