ग्वालियरमध्यप्रदेश

जेल अधीक्षक के नाम से फर्जी ट्रांसफर लेटर पहुंचा मुख्यालय

ग्वालियर। जेल विभाग का एक नया कारनामा सामने आया है। सेंट्रल जेल पर पदस्थ पांच सिपाहियों का स्थानांतरण कराने के लिए उनके विरोधियों ने मुख्यालय को एक फर्जी पत्र भेज दिया। पत्र जेल अधीक्षक की ओर से भेजना दर्शाया गया। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब मुख्यालय में पदस्थ डीआईजी ने पत्र के संबंध में जेल अधीक्षक से बात की।

जेल में पदस्थ चार प्रहरी और एक मुख्य प्रहरी को सेन्ट्रल जेल से अन्य किसी जेल पर भेजने के लिए कुछ उनके विरोधी सक्रिय हैं। मुख्य प्रहरी व प्रहरियों को हटाने के लिए उनके विरोधी कई बार जेल मुख्यालय को शिकायत भेज चुके हैं। इसके बाद भी मुख्यालय द्वारा उनको सेन्ट्रल जेल से अन्य किसी जेल पर नहीं भेजा।

तब हार थक कर विरोधियों ने एक नई तरकीब इजात की। तरकीब के अनुसार उन्होंने सेन्ट्रल जेल के अधीक्षक मनोज साहू के नाम से एक पत्र तैयार किया। उस पत्र में उन्होंने जेल अधीक्षक की ओर से लिखा कि जेल पर एक मुख्य प्रहरी व चार प्रहरी लंबे समय से पदस्थ हैं। उक्त पांचों कर्मचारियों द्वारा जेल का माहोल बिगाड़ा जा रहा है।

पांचों कर्मचारियों के लंबे समय से एक ही जगह पर पदस्थ रहने की स्थिति में उनके बदमाशों से संबंध बन गए हैं। क्षेत्रीय बदमाशों से संबंध होने की वजह से जेल पर किसी भी अप्रिय घटना घटित होने की आशंका पत्र में दर्शाइ गई है। उक्त आशंकाओं का हवाला देते हुए जेल अधीक्षक की ओर से चार प्रहरी व एक मुख्य प्रहरी का स्थानांतरण अन्य जेल पर करने के लिए पत्र में लिखा गया है।

अधीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर किए, सील भी लगाई

जो पत्र जेल मुख्यालय भेजा गया था। पत्र में जेल अधीक्षक के हस्ताक्षर की नकल की गई है। इसके अलावा जेल अधीक्षक की सील भी लगाई गई है। इतना ही नहीं पत्र क्रमांक भी अंकित किया गया है।

ऐसे हुआ खुलासा….

सेन्ट्रल जेल ग्वालियर से भेजा गया पत्र भोपाल जेल मुख्यालय में पदस्थ डीआईजी संजय पाण्डेय के पास पहुंचा। जब उन्होंने पत्र को पढ़ा तो उन्हें शक हुआ। इसलिए उन्होंने जेल अधीक्षक मनोज साहू को कॉल कर पत्र के संबंध में बात की, तब जेल अधीक्षक ने उन्हें बताया कि इस प्रकार का कोई भी पत्र उनकी ओर से भेजा ही नहीं गया है।

सासंद ने साफ किया शौचालय Sasand cleans toilet

इन पांच कर्मचारियों का था नाम

जो पत्र जेल मुख्यालय भेजा गया है। उसमें मुख्य प्रहरी राम स्वरूप कुशवाह, प्रहरी वाचाराम, धीरेन्द्र धाकड़, कृष्णकांत कुशवाह, निर्भय समाधिया का नाम शमिल था।

इनका कहना है…

इस संबंध में जब जेल अधीक्षक मनोज साहू से बात की तो उन्होंने बताया कि मेरे द्वारा इस प्रकार कोई पत्र नहीं लिखा गया था। वहीं इस संबंध में डीआईजी संजय पाण्डेय से बात की तो उन्होंने बताया कि आज अवकाश है। मुझे इस प्रकार के पत्र के संबंध अभी कुछ याद नहीं है। सोमवार को ऑफिस खुलने पर मैं इस संबंध में आपको जानकारी दे पाऊंगा।

मनोज साहू, जेल अधीक्षक

हुड़दंग न्यूज

हुड़दंग न्यूज (दबंग शहर की दबंग खबरें) संवाददाता की आवश्यकता है- संपर्क कीजिये-  hurdangnews@gmail.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button