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काम की बात: खुद का क्यूआर कोड कैसे बनाएं… ये है सबसे आसान तरीका

सरकार लगातार डिजिटल भुगतान पर जोर दे रही है। खुद का क्यूआर कोड कैसे बनाएं… कैशलेस लेनदेन को प्रोत्साहित किया जा रहा है और डिजिटल इंडिया पहल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको कहीं भी कैश लेकर चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस आपके पास एक स्मार्टफोन होना चाहिए और आप आराम से कहीं भी किसी को भी झट से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।

आजकल तो लोग क्यूआर कोड के इस्तेमाल से आसानी से पैसे भेज देते हैं। क्यूआर कोड अक्सर छोटी-बड़ी दुकानों में देखने को मिल जाते हैं। इससे पेमेंट करना सुरक्षित भी माना जाता है। कुछ साल पहले तक क्यूआर कोड के बारे में बहुत कम ही लोगों को जानकारी होती थी, लेकिन अब ऑनलाइन पेमेंट के लिए इसका इस्तेमाल ही लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। अगर आप दुकानदार हैं तो चाहें तो खुद का भी क्यूआर कोड बना सकते हैं।

भारत क्यूआर कोड कैसे जनरेट करें

यदि आप एक खुदरा विक्रेता या दुकानदार हैं, तो आप आसानी से भारत क्यूआर कोड जनरेट कर सकते हैं और निम्नलिखित स्टेप का उपयोग करके पेमेंट लेना शुरू कर सकते हैं:

  1. सबसे पहले, सुनिश्चित करें कि आपके पास एक बैंक खाता है
  2. अपने बैंक खाते को भीम ऐप से लिंक करें
  3. भीम ऐप से अपना यूनिक भारत क्यूआर कोड जेनरेट करें
  4. क्यूआर कोड प्रिंट करें और पेमेंट काउंटर की दीवार पर चिपका दें
  5. इसके बाद ग्राहक आपके क्यूआर कोड को स्कैन करके आसानी से पैसे का भुगतान कर सकते हैं

पेमेंट कैसे करें

पेमेंट करने के लिए, आपको अपने फोन में अपना बैंक ऐप या भीम ऐप इंस्टॉल करना होगा. जिस स्टोर पर जाते हैं, आपको ऐप खोलना होगा और स्कैन क्यूआर कोड या स्कैन एंड पे पर टैप करना होगा. इसके बाद भारत क्यूआर कोड को स्कैन करें. एक बार कोड स्कैन हो जाने के बाद, पेमेंट की जाने वाली राशि को एक रिमार्क और चार अंकों के पासकोड के साथ दर्ज करना होगा. जैसे ही वेरिफिकेशन पूरा हो जाएगा, पैसा स्टोर या दुकानदार के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.

खुद का क्यूआर कोड कैसे बनाएं
खुद का क्यूआर कोड कैसे बनाएं

क्यूआर कोड के प्रकार

संरचना कार्य एवं उपयोग के आधार पर क्यूआर कोड को दो वर्गों में विभाजित किया गया है। जो इस प्रकार है-

Static QR Code

स्टैटिक क्यूआर कोड का इस्तेमाल सर्वजनिक जानकारी को फैलाने के लिए किया जाता है और इसे बहुत कम बार संपादित भी किया जाता हैं। इस क्यूआर कोर्ट को पोस्टर्स, टीवी एंड, न्यूजपेपर, मैगजीन आदि ने प्रकाशित किया जाता है। इस कोड का निर्माता जानकारी प्राप्त कर पाता है। जैसे

  • QR Code कितनी बार स्कैन किया गया।
  • जिस डिवाईस से स्कैन हुआ है उसका OS

Dynamic QR Code

डायनामिक क्यूआर कोड एक तरह का लाइव कोड होता है जिसे टाइम टाइम पर संपादित किया जाता है। इसे Unique QR Code के नाम से भी जाना जाता है। इस कोड के निर्माता कई प्रकार की इंफॉर्मेशन को ट्रैक कर सकते हैं जैसे

  • स्कैन करने वाले का नाम
  • ईमेल आईडी
  • कितनी बार स्कैन किया
  • कोड में शामिल जानकारी तक पहुँच
  • Conversation Rate आदि

QR कोड के कार्य

  • क्यूआर कोड का उपयोग आप अपने वाईफाई में कर सकते हैं जैसे आप अपने किसी भी फ्रेंड को पासवर्ड बताने की जगह उसे डायरेक्ट क्यूआर कोड के जरिए कनेक्ट करवा सकते हैं।
  • ग्राहक से क्यूआर कोड से स्कैन करवा कर पेमेंट भी करवा सकते हैं।
  • इसका उपयोग आप फेसबुक पेज के लिए भी कर सकते हैं क्योंकि इसमें फेसबुक पेज का लिंक होगा तो जब भी कोई इस कोड को स्कैन करेगा तो वह आपके फेसबुक पेज पर पहुंच जाएगा।
  • विजिटिंग कार्ड में भी इसका उपयोग कर सकते हैं।
  • वेबसाइट के लिए भी इसका इस्तेमाल आप आसानी से कर सकते हैं।
  • आप बिना नंबर लिखे SMS भेज सकते हैं। इसके लिए आपको बस एसएमएस भेजने वाले का क्यु आर कोड स्कैन करना पडेगा। स्कैन करते ही नंबर आ जाता हैं।

क्यूआर कोड के लाभ

  • क्यूआर कोड के बहुत से लाभ हैं इसमें बारकोड के मुकाबले बहुत ज्यादा जानकारी स्टोर की जा सकती है।
  • अगर आपको यूट्यूब का कोई लिंक शेयर करना होता है तो उसको भी आप क्यूआर कोड का जरिय दूसरों तक भेज सकते हैं
  • बहुत ज्यादा लंबा टैक्स भेजने की जरूरत नहीं पड़ती जिसको आप भेज रहे हैं उसको स्कैन करके जल्दी आपके लिंक को खोल सकता है
  • यह लिंक आपके वीडियो वेबसाइट या किसी दूसरे लिंग तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसमें आप अपना मैसेज फोन नंबर कूपन और अपने लोकेशन भी क्यूआर कोड के द्वारा भेज सकते हैं जो कि एक डिजिटल फॉर्म में होता है।
  • जब हम किसी शॉपिंग मॉल में है कोई प्रोडक्ट खरीदने जाते हैं तो आपने देखा होगा कि प्रोडक्ट के ऊपर बारकोड या QR Code लिखा हुआ होता है उसे सिर्फ क्यूआर कोड का स्पिनर ही पड़ सकता है
  • इसमें बारकोड के मुकाबले 50 गुना ज्यादा डाटा स्टोर किया जा सकता है जबकि बारकोड में बहुत कम डाटा रहता है।
  • बारकोड को स्कैन करने के लिए डायरेक्शन भी देखना पड़ता है यह बारकोड के मुकाबले ज्यादा आसानी से स्कैन हो जाता है।

क्यूआर कोड को कैसे बनाएं ?

यहां हम आपको बता रहे हैं कि QR Code कैसे बनाया जाता है इसके लिए सबसे पहले हमें अपना गूगल क्रोम खोलना होगा उसके बाद बहुत सी ऐसी वेबसाइट्स हैं जिनके ऑनलाइन टूल के सहायता से आप बहुत आसानी से क्यूआर कोड बना सकते हो इसके लिए पहले हमें इसकी वेबसाइट पर जाना होगा वेबसाइट यह है।

हुड़दंग न्यूज

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