मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सरई कला गांव में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजना के विरोध में चल रहे जल सत्याग्रह के बीच एक आदिवासी महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान विमला गोंड के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश व्याप्त है। परिजनों ने शासन प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के पति अर्जुन गोंड ने बताया कि उसकी पत्नी गांव की अन्य महिलाओं के साथ बीते चार दिनों से पानी में उतरकर लगातार जल सत्याग्रह कर रही थी। इस दौरान तबीयत बिगड़ गई और ग्रामीण और परिजन आनन-फानन से अस्पताल ले गए जहां उसकी मौत हो गई। पत्नी के निधन से टूट चुके अर्जुन गोंड ने भारी मन से कहा प्रोजेक्ट के विरोध में मेरी पत्नी अपनी जान दे बैठी। मेरा सब कुछ बर्बाद हो गया। क्या आप प्रशासन मेरी पत्नी को लौटा सकता है? क्या सरकार उसे जीवित कर सकती है? आपको बता दें कि रीवा और आसपास के क्षेत्रों में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजना को लेकर लंबे समय से ग्रामीणों का विरोध जारी है। परियोजना के कारण अपनी जमीन, मकान और आजीविका खोने के डर से ग्रामीण लगातार आंदोलन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें बिना उचित मुआवजे और पुनर्वास व्यवस्था के बेदखल किया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अमला, राजस्व अमला, पुलिस अमला मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी परिजनों को सांत्वना देने और ग्रामीणों से बातचीत करने पहुंचे। दूसरी ओर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जिस स्थान पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है, वह जमीन परियोजना के लिए अधिग्रहित नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों की मांग और परियोजना की वास्तविक सीमाओं को लेकर फैले भ्रम की जांच की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि महिला की मौत किन कारणों में हुई है, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Rewa - परमाणु ऊर्जा परियोजना के विरोध में जल सत्याग्रह के दौरान हुई महिला की मौत
Rewa - परमाणु ऊर्जा परियोजना के विरोध में जल सत्याग्रह के दौरान हुई महिला की मौत
Vijay
Local Desk
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Updated: 23 Oct 2026, 09:16 AM IST
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