कटनी जिला अस्पताल का अजब – गजब किस्सा, गर्भवती को जबलपुर रेफर किया, रास्ते से वापस बुला ऑपरेशन किया, बच्चे की गर्भ में हुई मौत

By: शुलेखा साहू

On: Saturday, November 15, 2025 7:58 AM

कटनी जिला अस्पताल का अजब - गजब किस्सा, गर्भवती को जबलपुर रेफर किया, रास्ते से वापस बुला ऑपरेशन किया, बच्चे की गर्भ में हुई मौत
Google News
Follow Us

कटनी – जिला अस्पताल की अजब-गजब कार्यशैली के चलते एक नवजात की गर्भ में ही मौत हो गई। परिजनों ने जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि, अगर समय पर ऑपरेशन हो जाता तो जान बच जाती। इधर, प्रसूता की हालत नाजुक बनी हुई है।

बरही के रहने वाले एक युवक की 36 वर्षीय गर्भवती पत्नी को गुरुवार रात प्रसव पीड़ा हुई थी। गर्भवती महिला को पहले बरही अस्पताल ले जाया गया, जहां से देर रात ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार सुबह डॉक्टरों ने गर्भवती महिला को जबलपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया, लेकिन एम्बुलेंस दोपहर डेढ़ बजे के बाद मिली। परिजन महिला को लेकर जबलपुर के लिए रवाना हो गए।

वे करीब 28 किलोमीटर का सफर तय कर तेवरी तक ही पहुंचे ही थे कि महिला के पति को जिला अस्पताल से नर्स दुर्गा का फोन आया। महिला के पति का आरोप है कि नर्स दुर्गा ने उन्हें वापस आने एचआईवी पॉजिटिव को रेफर करना कहां तक सही. जब क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. संजय मिश्रा से बात की तो उन्होंने दो टूक कहा कि एचआई पॉजिटिव गर्भवती महिला को रेफर करना कहीं से भी उचित नहीं था।

बरही से कटनी जिला अस्पताल रेफर किए जाने की बात तो समझ में आती है लेकिन कटनी में सारी सुविधाएं होने के बावजूद क्यों रेफर किया गया, इसे लेकर सीएमएचओ से पूछा जाएगा और जरूरत पड़ी तो इस मामले में नोटिस भी जारी किया जाएगा। डॉ. संजय मिश्रा ने कहा कि गर्भवती महिला प्रारंभिक जांच में यदि एचआईवी पॉजिटिव पाई गई थी तो उसे जिला अस्पताल से जबलपुर रेफर करना उचित नहीं था। एचआईवी पॉजिटिव महिला के ऑपरेशन के बाद ओटी के सेनेटाइज / स्टरलाइजं आदि की प्रक्रिया के बाद 24 घंटे बंद रखा जा सकता था, क्योंकि वहां 2 ओटी हैं। और कटनी में ही ऑपरेशन कर डिलीवरी कराने के लिए कहा। जिसके कहने पर वह अपनी पत्नी को लेकर तुरंत जिला अस्पताल लौटा।

लौटने के बाद गर्भवती महिला का जब ऑपरेशन किया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बच्चा गर्भ में ही मृत पाया गया। महिला के पति व परिजनों ने जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों पर लापरवाही तथा समय पर ऑपरेशन न करने का अरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना था कि समय पर ऑपरेशन नहीं किए जाने के कारण बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई इधर, प्रसूता की हालत नाजुक बनी हुई है।

सिविल सर्जन की सफाई

निराधार बताते हुए खुलासा किया कि, गर्भवती सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा ने आरोपों को महिला एचआईवी पॉजिटिव थी। जिसे 7 माह का गर्भ था। कंडीशन ठीक नहीं थी। एचआईवी पॉजिटिव की जानकारी तब लगी जब प्रसव की पूर्व तैयारियों के तहत ब्लड सैंपल लिया गया। उसका पति भी एचआईवी प्रभावित निकला। इधर बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ राममणि पटेल का कहना है कि अस्पताल से एचआईवी पॉजिटिव किसी गर्भवती को जिला अस्पताल रेफर नहीं किया है।

कटनी जिला अस्पताल का अजब - गजब किस्सा, गर्भवती को जबलपुर रेफर किया, रास्ते से वापस बुला ऑपरेशन किया, बच्चे की गर्भ में हुई मौत
कटनी जिला अस्पताल का अजब – गजब किस्सा, गर्भवती को जबलपुर रेफर किया, रास्ते से वापस बुला ऑपरेशन किया, बच्चे की गर्भ में हुई मौत

 

शुलेखा साहू

मैं एक स्वतंत्र लेखक और पत्रकार हूँ, जो समाज, राजनीति, शिक्षा और तकनीक से जुड़े मुद्दों पर गहराई से लिखती हूँ। आसान भाषा में जटिल विषयों को पाठकों तक पहुँचाना Hurdang News के मंच से मेरा प्रयास है कि पाठकों तक निष्पक्ष, स्पष्ट और प्रभावशाली जानकारी पहुँच सके।
For Feedback - editor@hurdangnews.in

Join WhatsApp

Join Now

Facebook

Subscribe Now

Leave a Comment