सिंगरौली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अदाणी फाउंडेशन ने सिंगरौली जिले के परियोजना प्रभावित गांवों की उद्यमी और सक्रिय महिलाओं को सम्मानित कर उनके आत्मनिर्भरता के सफर को नई पहचान दी। सरई तहसील के अमरइखोह गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में आसपास के गांवों की लगभग 200 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहां खेल प्रतियोगिताओं, सम्मान समारोह और प्रेरक गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्व और उद्यमिता को प्रोत्साहित किया गया।
इस मौके पर मटका फोड़, सुई धागा दौड़ एवं म्यूजिकल चेयर जैसे खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विजेताओं एवं प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य न सिर्फ महिलाओं को सम्मानित कर प्रोत्साहित करना था, बल्कि विभिन्न गांवों की विविध क्षेत्र की महिलाओं को एक साथ मिलाना भी था, जिससे वे अपने सर्जनात्मक विचारों का आदान-प्रदान कर सकें। उल्लेखनीय है कि आज के समय में महिलाएं देश और समाज दोनों के निर्माण में बेहद अहम भूमिका निभा रही हैं। वे घर से बाहर निकलकर अपने हुनर को लोगों के सामने पेश कर रही हैं और समाज में एक सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर रही हैं।
कार्यक्रम में चंदा पनिका (सरपंच, बासी बेरदाहा), विद्यापति कुशवाहा (सरपंच, धिरौली), रेणु सिंह (उप सरपंच, बासी बेरदाहा), दुलमंती सिंह (सरपंच, बजौड़ी), सीमा जायसवाल (जिला अध्यक्ष, महिला मोर्चा, सिंगरौली) और ऋचा सिंह (जिला महिला महामंत्री, महिला मोर्चा, सिंगरौली) की उपस्थिति ने कार्यक्रम को बेहद सफल बनाया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को आत्मसम्मान बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा संगीत एवं कविताओं की सुंदर प्रस्तुति भी दी गई, जिसने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
इसी क्रम में आंगनवाड़ी और सरकारी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को, जो अपने कार्यस्थल तक दोपहिया वाहन से जाती हैं, उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अदाणी फाउंडेशन की ओर से मुख्य अतिथियों के हाथों हेलमेट वितरित किए गए। कार्यक्रम में महिला समूहों द्वारा हस्तकला से बने सजावटी सामान का एक स्टॉल भी लगाया गया, जिसे देखकर अन्य महिलाएं काफी प्रेरित हुईं।
मझौली पाठ की रहने वाली इन्द्र कुमारी साह ने कहा, “अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से वह अपने परिवार के लिए आर्थिक योगदान दे पाती हैं, जिससे उनका जीवन पहले से काफी बेहतर हुआ है।”
गौरतलब है कि अब तक 230 महिलाओं एवं किशोरियों को हुनरमंद बनाने और रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से स्वरोजगार दर्जी का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं बासी बेरदहा, अमरईखोह, बजौड़ी, धिरौली एवं झलरी गांवों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 09 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है।
इस अवसर पर महिलाओं के समर्पण, उपलब्धियों और कामयाबी के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। अदाणी फाउंडेशन की ओर से पड़ोस के गांवों में उद्यमशीलता कौशल विकसित करने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। परियोजना क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास जैसे मुद्दों पर लगातार काम किया जा रहा है।







