मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी नारायण महादेव टिकेकर (89 वर्षीय) डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगों का शिकार बने। ग्वालियर क्राइम ब्रांच की सफलता: डिजिटल अरेस्ट में 2.5 करोड़ ठगी के 4 आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार। 30 लाख रिकवर, नारायण टिकेकर केस में नया मोड़ जनवरी 28 से फरवरी 20 तक ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर फर्जी कोर्ट रूम, सीबीआई अधिकारी और जज दिखाकर मनी लॉन्ड्रिंग का डराया। पांच किस्तों में कुल 2.52 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए।
दिल्ली से चार गिरफ्तारियां
क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कंट्रोल वाली कंपनी के खाते में ठगी के 60-70 लाख रुपये आए थे। जांच में 30 लाख का हिसाब मिला, जिसमें दो आरोपी ढाई-ढाई लाख कमीशन ले चुके। शेष दो ने फर्जी फर्म का बैंक खाता खोला था।
ठगों का हथकंडा
ठगों ने केनरा बैंक खाते में मनी लॉन्ड्रिंग के 20 लाख आने का झूठा आरोप लगाया। फर्जी दस्तावेज दिखाकर गिरफ्तारी का भय दिखाया। बैंक मैनेजर ने एनओसी फर्जी बताकर केस दर्ज कराया। एसपी धर्मवीर सिंह ने जांच तेज करने के निर्देश दिए।
पुलिस कार्रवाई जारी
क्राइम ब्रांच आरोपियों से सख्त पूछताछ कर रही। डिजिटल ट्रेल, कॉल रिकॉर्ड और अन्य खातों की पड़ताल हो रही। गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश। पीड़ित दंपति को मानसिक सदमा, लेकिन पुलिस ने आश्वासन दिया।








