मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने समाज को झकझोर दिया है। राजपुर थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय नाबालिग बच्ची की चाचा ने हैवानियत की हद पार कर दी। दुष्कर्म के बाद उसे इंदिरा सागर नहर में फेंक दिया, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरा मामला खोला। यह खुलासा क्षेत्र में सनसनी फैला रहा है।
26 जनवरी को मुंडला क्षेत्र की नहर से ग्रामीणों ने अज्ञात बालिका का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। बड़वानी एसपी जगदीश डावर ने तुरंत जांच शुरू कराई। शव की पहचान मुश्किल थी, लेकिन राजपुर पुलिस ने आसपास के जिलों से संपर्क किया। सोशल मीडिया और परिजनों की मदद से पता चला कि मृतक ठीकरी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली थी। पोस्टमॉर्टम में गंभीर चोटें और डूबने की पुष्टि हुई।
एसपी के निर्देश पर विशेष टीम बनी। परिजनों के बयानों से परिवार के ही एक नाबालिग सदस्य पर शक हुआ, जो मृतका का चाचा था। सख्त पूछताछ में उसने कबूल किया। 25 जनवरी रात को जब परिवार सो रहा था और पिता खेत पर था, तब उसने अपनी सौतेली मां के बेटे की 7 साल की बेटी को घर के पीछे नहर ले गया। वहां दुष्कर्म किया और सबूत मिटाने के लिए नहर में धकेल दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी डावर ने कहा, “यह परिवार के अंदर का काला सच है। आरोपी नाबालिग होने से किशोर न्याय बोर्ड में केस जाएगा, लेकिन सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।” पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से मामले को पुख्ता किया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक की लहर दौड़ गई।








