भागीरथपुरा में जहरीले पानी से 24 मौतें, सैकड़ों बीमार। एक महीने बाद भी निवासी आरओ पानी खरीद रहे, गैस बिल बढ़ा। पाइप मरम्मत अंतिम चरण में, 50 टैंकर चल रहे। अस्पताल अपडेट और ग्रामीणों की व्यथा भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई त्रासदी को एक महीना होने को है, लेकिन इलाके के निवासियों के दिलो-दमाग से वह भय अब भी उतर नहीं रहा। 24 लोगों की जान ले चुके इस हादसे ने सैकड़ों को अस्पताल पहुंचाया था। आज भी ग्रामीण पानी को छूने से कतराते हैं, उसे उबालकर-छानकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
मेहमानों का भी भरोसा टूटा
स्थानीय निवासी अर्चना यादव ने बताया कि उनके घर आने वाले रिश्तेदार चाय तो पी लेते हैं, लेकिन साफ पानी की एक घूंट तक नहीं लेते। “हम कहते हैं कि यह उबला हुआ है, सुरक्षित है, लेकिन वे डर जाते हैं। कोई हादसा हो गया तो यही कहेंगे कि भागीरथपुरा का पानी पिया था,” उन्होंने उदासी भरे स्वर में कहा। यह डर इतना गहरा है कि इलाके में मेहमाननवाजी की परंपरा तक प्रभावित हो गई है।
बढ़ते खर्चे ने तोड़ा घर का बजट
शोभा पाटिल जैसे कई परिवार रोजाना 60 रुपये खर्च कर आरओ का पानी खरीद रहे हैं। “तीन कैन रोजाना लग जाते हैं। नर्मदा का पानी आया तो भी नल नहीं खोला। गैस सिलेंडर पहले डेढ़ महीने चलता था, अब 30 दिन में ही खाली,” उन्होंने शिकायत की। सुमित्रा गुर्जर ने भी यही राग अलापा। दूषित पानी से उन्हें उल्टी-दस्त हुआ था, इसलिए अब खाना बनाने तक का पानी उबालकर ही इस्तेमाल कर रही हैं। इस डर ने कई परिवारों के मासिक खर्च को बिगाड़ दिया है।
प्रशासन का दावा: सप्लाई जल्द सामान्य
क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने कहा कि दो साल पहले ही निगम को पाइपलाइन की जर्जर हालत की लिखित शिकायत की थी। जंग लगे पाइप बदलने का काम 22 दिनों से चल रहा है, जो अब अंतिम चरण में है। “महापौर और मैंने खुद बिना उबाले पानी का परीक्षण किया। सैंपल रिपोर्ट्स में क्लोरीन स्तर सही है। 50 टैंकर रोजाना पानी पहुंचा रहे हैं,” उन्होंने भरोसा दिलाया। नर्मदा-ड्रेनेज लाइनों का कार्य पूरा होते ही नियमित सप्लाई शुरू हो जाएगी, हालांकि सड़कों की दुर्दशा से आवागमन प्रभावित है।
अस्पतालों में बने हुए मरीज
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार को 122 ओपीडी मरीज आए, जिनमें डायरिया के तीन केस थे। कुल 449 भर्ती हुए, 433 ठीक हो चुके। नौ वार्ड में और सात आईसीयू में इलाजरत हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सतर्कता से नई संक्रमण रोकने की कोशिश जारी है।








