Indore News : इंदौर के छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक गुजराती व्यापारी का ड्राइवर 4 करोड़ 80 लाख रुपये का सोना लेकर फरार हो गया। व्यापारी धर्मेंद्र भाई अपने कर्मचारी और ड्राइवर के साथ इंदौर आए थे, जहाँ वे स्थानीय व्यापारियों को आभूषण दिखाने जा रहे थे।
ये है पूरी घटना
धर्मेंद्र भाई अहमदाबाद के रहने वाले हैं और उनकी “अंकित गोल्ड ज्वेलरी” नाम से दुकान है। उन्होंने बताया कि 8 जुलाई को उनके कर्मचारी सौरभ और ड्राइवर मसरू रबारी (निवासी – बनासकांठा, गुजरात) अहमदाबाद से 4 किलो 800 ग्राम सोना लेकर इंदौर के लिए निकले थे। इस बीच, वे रास्ते में लुनावाड़ा और संतरामपुर में सोना दिखाते हुए देर शाम झाबुआ होते हुए इंदौर पहुँचे।
होटल से ड्राइवर गायब
इंदौर पहुँचने पर, दोनों ने गंगवाल बस स्टैंड के पास होटल शिवानी में रुकने का फैसला किया। कीमती सामान देखकर, ड्राइवर को कार के पास रुकने के लिए कहा गया, जबकि सौरभ दाढ़ी बनाने चला गया। वापस लौटने पर सौरभ ने पाया कि ड्राइवर मसरू रबारी कार और सोने के साथ गायब था। उसका मोबाइल फोन भी बंद मिला।
इंदौर के छत्रीपुरा थाना क्षेत्र स्थित एक होटल के बाहर से एक गुजराती व्यापारी का ड्राइवर करोड़ों रुपये का सोना लेकर फरार हो गया। घटना के करीब 12 दिन बाद इंदौर क्राइम ब्रांच ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देर रात पुलिस ने आरोपियों की तलाश में शहर और आसपास के इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी, हालांकि पुलिस (इंदौर पुलिस) को कोई सफलता नहीं मिली।
अहमदाबाद के व्यापारी की शिकायत पर जांच शुरू
गुजरात के अहमदाबाद निवासी व्यापारी धर्मेंद्र भाई ने इंदौर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका ड्राइवर मसरू रबारी है। वह गुजरात के बनासकांठा जिले का रहने वाला है। वह 4 किलो 800 ग्राम सोना लेकर फरार हो गया है। धर्मेंद्र की अहमदाबाद में अंकित गोल्ड ज्वेलरी नाम से दुकान है। चोरी हुए सोने की कीमत करीब 4 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है।
आभूषण दिखाने इंदौर आया था
व्यापारी ने बताया कि 8 जुलाई को उसका कर्मचारी सौरभ, ड्राइवर मसरू रबारी के साथ कार में आभूषण लेकर अहमदाबाद से इंदौर के लिए रवाना हुआ। सौरभ ने लुनावाड़ा और संतरामपुर के कुछ व्यापारियों को सोना दिखाया और फिर झाबुआ होते हुए देर शाम इंदौर पहुँच गया। उसने गंगवाल बस स्टैंड के पास स्थित होटल शिवानी में रुकने का फैसला किया। चूँकि उसके पास कीमती सामान था, इसलिए उसने ड्राइवर को कार के पास रुकने को कहा, जबकि सौरभ दाढ़ी बनाने चला गया। जब वह लौटा, तो ड्राइवर और सोना दोनों गायब थे। ड्राइवर का मोबाइल भी बंद मिला।
12 दिन बाद मामला दर्ज, फुटेज के आधार पर तलाश
घटना की जानकारी मिलते ही सौरभ ने व्यापारी धर्मेंद्र भाई को सूचित किया। व्यापारी ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। लगभग 12 दिन खुद तलाश करने के बाद, व्यापारी ने आखिरकार क्राइम ब्रांच की शरण ली और मामला दर्ज कराया। शिकायत के आधार पर आरोपी ड्राइवर मसरू रबारी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच की टीम होटल के सीसीटीवी फुटेज और उसकी तस्वीरों के आधार पर ड्राइवर की तलाश कर रही है। पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और उम्मीद है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।







