मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने MPBSE 10वीं-12वीं बोर्ड 2026 के लिए नया परीक्षा पैटर्न जारी किया। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का हिस्सा 40% हो गया, मूल्यांकन यथावत। छात्रों की तैयारी आसान, वेबसाइट पर ब्लूप्रिंट उपलब्ध। मध्य प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए अच्छी खबर! माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने 2026 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। मुख्य बदलाव यह है कि प्रश्नपत्रों में वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्नों का अनुपात 25% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया। मंडल ने इसका ब्लूप्रिंट आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया, ताकि छात्र तुरंत नई रणनीति बना सकें। इसका मकसद परीक्षा को सरल बनाना और पास प्रतिशत में उछाल लाना है।
ऑनलाइन बैठक में प्राचार्यों और शिक्षा अधिकारियों को नए ढांचे की जानकारी दी गई। अब सैद्धांतिक पेपर में 40% वस्तुनिष्ठ, 40% छोटे-संक्षिप्त उत्तर आधारित और 20% वर्णनात्मक प्रश्न होंगे। इससे छात्रों को घंटों लंबे जवाब लिखने की मजबूरी कम हो जाएगी, जो खासकर ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों के लिए राहत है।
मूल्यांकन प्रक्रिया में स्थिरता, चुनिंदा विषयों में अपवाद
हाईस्कूल और हायर सेकंडरी की मार्किंग स्कीम पहले जैसी ही रहेगी। सामान्य विषयों में 80 अंक थ्योरी और 20 प्रैक्टिकल, जबकि प्रैक्टिकल सब्जेक्ट्स में 70-30 का बंटवारा। पासिंग क्राइटेरिया 33% अंक निर्धारित है। व्यावसायिक कोर्स (NSQF, D.El.Ed) और भारतीय संगीत जैसे विषयों में कोई तब्दीली नहीं। संगीत में गायन-वादन व तबला-पखावज के लिए 2021-22 से 9वीं-11वीं और 2022-23 से 10वीं-12वीं में अलग पेपर लागू हैं।
मंडल के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति से प्रेरित है, जो ऑब्जेक्टिव टेस्टिंग को बढ़ावा देती है। पिछले वर्षों के कम रिजल्ट को देखते हुए यह बदलाव जरूरी था।
छात्रों पर असर और तैयारी टिप्स
यह परिवर्तन छात्रों की परीक्षा चिंता कम करेगा। विशेषज्ञ सलाह देते हैं: रोज MCQ प्रैक्टिस करें, पिछले पेपर सॉल्व करें और टाइम मैनेजमेंट पर फोकस रखें। अभिभावक भी उत्साहित हैं, खासकर सिंगरौली जैसे दूरदराज जिलों में जहां कोचिंग सुविधाएं सीमित हैं।
मंडल ने स्पष्ट किया कि परीक्षा तिथियां और सिलेबस वही रहेंगे। छात्र mpbse.nic.in पर ब्लूप्रिंट डाउनलोड कर लें। क्या यह बदलाव वाकई रिजल्ट 90% तक ले जाएगा? आने वाले महीनों में नतीजे बताएंगे।







