सिवनी – बरघाट ब्लॉक की सिंगपुर पंचायत का छोटा सा गांव है खरांपाठ। इस खर्रापाठ गांव के महालक्ष्मी आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने ऐसा आर्गेनिक गुलाल तैयार किया है, जिसे खा लेने पर भी शरीर को कोई नुकसान नहीं होगा।
आंखों के लिए भी यह किसी तरह का नुकसानदायक नहीं है। यही आर्गेनिक गुलाल छपारा ब्लॉक के दिशा आजीविका स्व-सहायता समूह सरंडिया, लखनादौन ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिरोलीपार के ग्राम कपारगढ़ के उन्नति आजीविका स्व-सहायता समूह, ग्राम मकरझिर के आजीविका स्व- सहायता समूह, ग्राम भरगा के एकता आजीविका स्व-सहायता समूह व ग्राम जोबा की सरस्वती आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भी तैयार किया है।
सभी ने मिलकर 01 हजार किलो आर्गेनिक गुलाल तैयार किया है, जिसका विक्रय भी किया जा रहा है। इसकी सराहना भी हो रही है।
अरारोट, गुलाब जल, कोकोनट ऑइल सहित कई चीजों से बना
सभी स्व-सहायता समूहों ने मिलकर जो एक हजार किलो आर्गेनिक गुलाल तैयार किया है, उसे प्रमुख रूप से अरारोट से बनाया गया है।
महिला स्व- सहायता समूहों की आय में बढ़ोत्तरी व होली पर घातक रंगों के इस्तेमाल की बजाय आर्गेनिक गुलाल के उपयोग के उद्देश्य से यह काम कराने वाली आरोग्य समाधान फूड प्रोड्यूसर कंपनी के अंकुर जैन के अनुसार आर्गेनिक गुलाल में अरारोट, कोकोनट आइल के साथ ही सब्जियों का कलर, फ्रूट कलर, गुलाब जल भी मिक्स किया गया है।
खुश्बूदार आर्गेनिक गुलाल को सब्जी की गिरेबी को गाढ़ा करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।








