भोपाल मध्य प्रदेश में अब सीएम और मंत्रियों के साथ सांसद-विधायकों को भी पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को सैल्यूट करना होगा। डीजीपी कैलाश मकवाना ने इसके आदेश जारी कर कहा है कि किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ शिष्ट व्यवहार में कमी नहीं होनी चाहिए।
इतना ही नहीं, अगर सांसद और विधायक मिलने आएं तो पुलिस अफसरों को प्राथमिकता के आधार पर मुलाकात कर उनकी बात सुननी होगी। डीजीपी की ओर से यह निर्देश 24 अप्रैल को जारी किए गए हैं।
ध्यान से सुनेंगे बात शिष्टता से देंगे जवाब
डीजीपी ने यह भी कहा है कि सांसदों, विधायकों द्वारा जब भी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से मोबाइल या फोन पर जन समस्या को लेकर संपर्क किया जाता है तो अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी होगी कि संवाद के दौरान ध्यान से उनकी बात सुनेंगे और शिष्टता के साथ जवाब देंगे। शेष| अंतिम पेज पर







