इटवां डुडैला, उत्तर प्रदेश/सतना, मध्यप्रदेश – पति-पत्नी में गुटखा खाने की लत को लेकर हुए छोटे से विवाद के बाद 32 वर्षीय झुमकी यादव ने न सिर्फ अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली, बल्कि अपनी गोद के तीन मासूमों को भी इस दर्दनाक फैसले में शामिल कर लिया। इस हादसे में मां और उसकी दो बेटियां—एक साल की बुलबुल और तीन साल की चंद्रमा—की मौत हो गई, जबकि चार वर्षीय दीपचंद्र अस्पताल में सांसों के लिए संघर्ष कर रहा है।
पारिवारिक कलह ने ली भीषण रूप
परिजनों के मुताबिक, रोजमर्रा के जीवन की तरह शनिवार की सुबह भी सामान्य थी। बब्बू यादव, जो मजदूरी कर परिवार पालता है, ने पत्नी की गुटखा खाने की आदत पर टोका और बच्चों की चिंता जताई। झुमकी ने गुस्से में आकर जहर खाने का भयावह कदम उठाया। बच्चों को ‘कड़वा’ खिला कर खुद भी ज़हर सेवन कर लिया।
तड़पते बच्चों ने दी सचाई
शाम को बब्बू ने घर लौटते ही बच्चों को पेट दर्द से कराहते पाया। चार वर्षीय दीपचंद्र ने बताया, “मम्मी ने कड़ुवा-कड़ुवा खिलाया।” बब्बू ने बिना देरी किए परिवार को मध्यप्रदेश के सतना जिले के मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, लेकिन तब तक एक बच्ची बुलबुल की सांसें थम चुकी थीं। मझगवां से सतना जिला अस्पताल ले जाते वक्त झुमकी और चंद्रमा की रास्ते में मौत हो गई।
बेटा ‘दीपचंद्र’ की स्थिति नाजुक
अब पूरा परिवार, गांव और दोनों राज्यों के प्रशासन की आंखें चार साल के दीपचंद्र की ओर टिकी हैं, जिसे जिंदगी और मौत के बीच जिला अस्पताल में इलाज मिल रहा है।
पुलिस जांच जारी, गाँव में मातम
स्थानीय पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पड़ोसियों और ग्रामीणों में घटना को लेकर गहरा भावनात्मक शोक है—हर कोई स्तब्ध है कि एक छोटी सी आदत, संवाद और संयम की कमी से एक पूरा परिवार उजड़ गया।








