SINGRAULI NEWS : जिला मुख्यालय में बिजली का नया मीटर लगाने वाला ठेकेदार बेगलाम हो गया है। जल्द से जल्द सबके मीटर बदल डालने की धुन में उपभोक्ताओं को बिना जानकारी दिए ही बिजली का पुराना मीटर निकालकर नया मीटर फिट कर देते हैं। ठेकेदार के कर्मचारी किसी भी उपभोक्ता को बताने की जरूरत नहीं समझते कि उनका मीटर कब और क्यों बदला जाना है, जबकि सभी पुराने मीटर ठीक से काम कर रहे हैं।
इस प्रकार की जबरदस्ती का आलम यह है कि कई लोग जब घरों से निकले तो उनके मीटर को खोलकर नया मीटर लगाया जा रहा था। पूछताछ करने के बाद बताया कि नये और स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। कई- कई ऐसे भी मोहल्ले हैं, जहां पर लोगों को इसकी जानकारी नहीं है कि मीटर बदला जाना है, वहां भी किसी को बताने की जरूरत नहीं समझी जा रही है।
किसी उपभोक्ता से पूछे बिना उसकी बिजली तक नहीं बंद की जा सकती है। वह भी बिना किसी उचित कारण के लेकिन ठेकेदार ने कुछ लड़कों को जैसे खुला संरक्षण दे रखा है कि जैसी मर्जी काम करो और जल्द से जल्द सभी के मीटर बदल डालो का लक्ष्य है।
SINGRAULI NEWS : उपभोक्ता को सूचित करना जरूरी
बिजली बंद हो जाने अथवा किसी प्रकार की समस्या आने की आशंका से उपभोक्ता बिना किसी हुज्जत किए ही शांत हैं लेकिन इस प्रकार मनमानी करना नियमों का खुलेआम उल्लंघन है। जानकारी के मुताबिक शहरी क्षेत्र में मोंटी कार्लो लिमिटेड एनर्जी मीटर लगाने का काम कर रही है। जिसकी मॉनीटरिंग करने के लिए एमपीईबी के ही कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन विभागीय कर्मचारियों से परे हटकर मनमाने ढंग से कार्य करने वाली इस कंपनी पर विद्युत विभाग ने विशेष छूट दे रखी है।
SINGRAULI NEWS : एक साथ बदलते हैं सबके मीटर
इन दिनों वसंत विहार कॉलोनी में पुराने मीटर हटाने और नये स्मार्ट कहे जाने वाले मीटर लगाए जा रहे हैं। ठेकेदार के कर्मचारी सीढ़ियों के नीचे बने कनेक्शन बॉक्स को खोलते हैं और एक साथ जितने भी मीटर होते हैं, सबको बदलकर चल देते हैं। उसके लिए वे कनेक्शनों के अनुसार समय भी लगाते हैं और पूछने पर किसी को उचित जवाब भी नहीं दे पाते हैं। मीटर लगाने का काम करने वाले आनन-फानन कई मीटर लगाने की फिराक में जैसे-तैसे मीटरों को लटकाकर रफूचक्कर हो जाते हैं।
SINGRAULI NEWS : नहीं बताते हैं पुरानी रीडिंग
SINGRAULI NEWS : उपभोक्ताओं ने बताया कि पुराने मीटर को हटाने से पहले उन्हें पुरानी रीडिंग की जानकारी भी होनी चाहिए लेकिन वे किसी को पुरानी रीडिंग नहीं बताते हैं। जिससे उपभोक्ताओं को आशंका रहती है कि उनकी रीडिंग से छेड़छाड़ हो गयी होगी। इस कार्य को कराने के लिए उपभोक्ता को पूर्व में जानकारी देनी चाहिए ताकि लोग मानसिक रूप से तैयार को सकें। अभी तक एमपीईबी किसी भी तरीके से उपभोक्ता को यह नहीं समझा रही है कि हाल में एक साल पहले तक लगाए गए मीटर्स को हटाने की जरूरत क्यों पड़ गयी है ?







