कानपुर का ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम, जो 1952 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी कर रहा है, अब आधुनिक रूप लेने जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके पुनर्विकास के लिए 350 करोड़ रुपये का व्यापक प्रस्ताव पास किया है, जिसमें पहले चरण को 45 करोड़ की मंजूरी मिल चुकी। मुख्य बदलाव नौ पुरानी पूर्व-पश्चिम पिचों को उत्तर-दक्षिण दिशा में शिफ्ट करना है, ताकि खिलाड़ियों को सूर्य की रोशनी से राहत मिले और आईसीसी मानकों का पालन हो।
पिचों का नया स्वरूप
77 वर्षों से पूर्व-पश्चिम ओरिएंटेशन वाली पिचें अब उत्तर-दक्षिण बनेंगी, जिसमें एक लाल मिट्टी वाली भी शामिल। यह बदलाव खिलाड़ियों की दृश्यता बढ़ाएगा और मैच क्वालिटी सुधारेगा। मंडलायुक्त विजयेंद्र पांडियन के मुताबिक, डीपीआर शासन को भेजा गया है; अप्रैल तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होकर मई से काम शुरू होगा। योजना ऐसी है कि चल रहे मैच प्रभावित न हों।
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आधुनिक सुविधाओं का जोर
पुनर्विकास में उन्नत ड्रेनेज सिस्टम लगेगा, जो हल्की बरसात के 15 मिनट बाद खेल बहाल कर सकेगा। फ्लड लाइट्स मजबूत होंगी, जिससे कम रोशनी की पुरानी समस्या खत्म। पवेलियन उत्तर-पूर्व और मीडिया सेंटर पूर्व में शिफ्ट हो सकते हैं, सूरज की किरणों के अनुकूल। दर्शक क्षमता 32,000 से घटकर 30,500 होगी लेकिन क्वालिटी बढ़ेगी।
ग्रीन पार्क ने भारत-पाक जैसे यादगार मैच देखे हैं, लेकिन पुरानी समस्याओं से पीछे छूट गया। यूपीसीए सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता का कहना है कि यह कायाकल्प कानपुर को क्रिकेट हब बनाएगा। आईपीएल, टी20 लीग व अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की वापसी संभव। स्थानीय खेलप्रेमी उत्साहित हैं कि स्टेडियम फिर विश्वमानक बनेगा।








