अमेरिका-इस्राइल ने ईरान पर हवाई हमले किए, जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी अड्डे निशाना। भारत ने संयम की अपील की, UNSC आपात बैठक। तुर्की मध्यस्थता को तैयार पश्चिमी एशिया में सैन्य टकराव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के प्रमुख शहरों और सैन्य ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने क्षेत्रीय अमेरिकी अड्डों को निशाना बनाया।
नेताओं की फोन वार्ता
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर गहन चर्चा हुई। इस्राइली कार्यालय ने फोटो जारी कर पुष्टि की कि दोनों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और ताजा घटनाओं पर विचार-विमर्श किया। हालांकि, बातचीत का पूरा ब्यौरा गोपनीय रखा गया है।
ईरान का कड़ा प्रतिकार
ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागीं। इस्राइल ने जवाबी कार्रवाई में ईरान के मिसाइल लॉन्चरों को ध्वस्त किया, जबकि तेल अवीव में सायरन बजे। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले से कर्मचारी घायल हुए और सीमित क्षति हुई।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं
भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीति पर जोर देने की अपील की, नागरिक सुरक्षा पर बल दिया। जर्मनी ने बहरीन, इराक, इस्राइल, जॉर्डन, कतर, कुवैत, ओमान, सऊदी अरब और यूएई के लिए यात्रा चेतावनी जारी की। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका से बातचीत की इच्छा जताई, लेकिन शासन परिवर्तन को असंभव बताया।
संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने न्यूयॉर्क में शनिवार शाम बैठक बुलाई, जो भारत में रविवार सुबह तीन बजे होगी। रूस-चीन ने इसे मांग की, फ्रांस, बहरीन और कोलंबिया ने समर्थन दिया। ब्रिटेन अध्यक्षता करेगा, तनाव कम करने पर फोकस रहेगा। तुर्की ने मध्यस्थता की पेशकश की।
आगे की आशंकाएं
यह संघर्ष ईरान के परमाणु विवाद से उपजा प्रतीत होता है, जहां ट्रंप ने शासन परिवर्तन का आह्वान किया। क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र बंद हैं, वैश्विक शक्तियां कूटनीति की उम्मीद कर रही हैं। स्थिति बिगड़ने से ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं।








