मुंबई | महाराष्ट्र सरकार ने नौकरी और शिक्षा में मुस्लिमों का 5% आरक्षण रद्द कर दिया है। इस संबंध में मंगलवार को शासन निर्णय (जीआर) जारी हुआ। कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले मराठा समुदाय को 16% और मुस्लिम समुदाय को 5% आरक्षण देने का अध्यादेश जारी किया था। इसके तहत मुस्लिमों के करीब 50 वर्गों को स्पेशल बैकवर्ड कैटेगरी ए के जाति प्रमाणपत्र दिए जा सकते थे। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 14 नवंबर 2014 को नौकरियों में 5% आरक्षण पर अंतरिम स्टे लगा दिया था । अध्यादेश 2014 तक कानून के रूप में पारित नहीं हो सका। इस कारण वह तकनीकी रूप से समाप्त माना गया। नए आदेश में कहा गया कि 2014 के पूर्व निर्णय और परिपत्र निरस्त कर दिए गए हैं।
देश के नौ राज्यों में अलग-अलग रूप में आरक्षण व्यवस्था
भारत में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं है। हालांकि, करीब 9 राज्यों में मुस्लिमों के पिछड़े वर्ग ओबीसी / ईबीसी के तहत आरक्षण पा सकते हैं। इनमें केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड शामिल हैं। कुछ में विशेष उप-श्रेणी हैं। कई जगह कानूनी विवाद हैं।








