नई दिल्ली, 13 जनवरी 2026: धातु बाजार में हड़कंप मच गया है। चांदी के भावों ने मंगलवार को एक के बाद एक नए कीर्तिमान गढ़े और पूरे देश में निवेशकों के बीच उत्साह-सतर्कता का मिश्रण पैदा कर दिया। सर्राफा कारोबारियों के संगठन की मानें तो राजधानी दिल्ली में चांदी का भाव 6,000 रुपये की छलांग लगाकर 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। यह उछाल वैश्विक संकटों की आंधी से उपजा है, जहां भू-राजनीतिक आग और अमेरिकी नीतिगत उथल-पुथल ने सुरक्षित निवेश की होड़ तेज कर दी।
शहरवार ताजा अपडेट: पटना-मुंबई में भी आसमान छू रहे दाम
देशभर के बाजारों में चांदी की चमक बढ़ी है। बाजार बंद होने तक के आंकड़े बताते हैं कि टैक्स समेत ये रहे प्रमुख शहरों के भाव (प्रति किलोग्राम):
शहर भाव (रुपये/किलो)
पटना 2,70,200
मुंबई 2,69,500
कोलकाता 2,68,800
चेन्नई 2,70,000
अहमदाबाद 2,69,000
ये आंकड़े अखिल भारतीय सर्राफा संघ के हैं। स्थानीय स्तर पर मामूली उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए खरीद से पहले नजदीकी व्यापारी से पुष्टि करें।
कैसे पहुंचे इतने ऊंचे स्तर पर? हाल की रफ्तार
सोमवार को ही चांदी 15,000 रुपये (6%) की रॉकेट स्पीड से 2,65,000 रुपये पर पहुंची थी। शुक्रवार को यह 2,50,000 पर ठहर गई थी। साल भर में 31 दिसंबर 2025 के 2,39,000 से 32,000 रुपये (13.4%) की कुल तेजी। एमसीएक्स पर मार्च डिलीवरी कॉन्ट्रैक्ट 2,72,202 रुपये और वैश्विक स्पॉट मार्केट में 85.64 डॉलर प्रति औंस तक चढ़ा। गुडरिटर्न्स ने 2,75,000 का अनुमान लगाया, जबकि आईबीजेए ने शाम तक 2,63,032 नोट किया।
वैश्विक संकटों की मार: ट्रंप के बयान ने बढ़ाई अनिश्चितता
विश्लेषकों का मानना है कि यह उछाल महज संयोग नहीं। ऑगमॉन्ट की रेनिशा चैनानी के अनुसार, ईरान की अस्थिरता, रूस-युक्रेन युद्ध और अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरों में कटौती का दबाव मुख्य वजहें हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर ‘रेड लाइन’ पार करने का बयान और फेड चेयरमैन पॉवेल के खिलाफ जांच ने बाजार की धड़कनें तेज कर दीं। ट्रंप-फेड विवाद से निवेशक सेफ हैवन की ओर दौड़े।








