Tariff Effect on Garment Sector : नई दिल्ली, 10 अगस्त 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाई गई 50% इंपोर्ट टैरिफ ने भारतीय कपड़ा सेक्टर, खासकर तमिलनाडु के तिरुपुर टेक्सटाइल हब में उथल-पुथल मचा दी है। एक झटके में करोड़ों के ऑर्डर रद्द हुए, सैकड़ों छोटी-बड़ी फैक्ट्रियों में उत्पादन रुक गया और भारत का बड़ा धंधा पाकिस्तान समेत अन्य सस्ते टैरिफ वाले देशों की ओर शिफ्ट होने लगा है।
Tariff Effect on Garment Sector : ऑर्डर हुए कैंसिल, कारोबार बुरी तरह प्रभावित
टैरिफ डरा देने वाली ऊंचाई पर पहुंच गई—7 अगस्त 2025 से 25% और 27 अगस्त से कुल 50%—जिसकी वजह से अमेरिका के लिए कपड़ा और गारमेंट निर्यात करना भारतीय कारोबारियों के लिए लगभग असंभव हो गया है। प्रमुख अमेरिकी खुदरा ब्रांड्स जैसे वॉलमार्ट, ऐमेज़न, एचएंडएम आदि ने भारतीय आपूर्तिकर्ताओं से शिपमेंट रोकने को कह दिया है। नतीजतन, तमिलनाडु के तिरुपुर जैसे कपड़ा सुपरहब में, जो भारत के टेक्सटाइल निर्यात का करीब 30% हिस्सा रखता है, उत्पादन एक झटके में बंद हो गया है।

Tariff Effect on Garment Sector : पाकिस्तान, बांग्लादेश, वियतनाम और कंबोडिया को मिला फायदा
भारतीय निर्यातकों के मुताबिक, अमेरिकी खरीदारों ने अपने ऑर्डर तेजी से इन देशों की ओर शिफ्ट कर दिए हैं, जहां टैरिफ 19-36% के बीच है—भारत के मुकाबले काफी कम। ऐसे में भारतीय उत्पाद अब अमेरिकी बाजार में 35% ज्यादा महंगे हो गए हैं, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धा सीधे तौर पर प्रभावित हुई है।
Tariff Effect on Garment Sector : तिरुपुर उद्योग पर सीधा प्रहार
तिरुपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के मुताबिक, यहां से हर साल 45,000 करोड़ रुपये का निर्यात होता है, जिसमें से 12,000 करोड़ सिर्फ अमेरिका को जाता है। अब इसमें से 6,000 करोड़ रुपये के कारोबार पर सीधा असर पड़ा है। कई कंपनियों ने उत्पादन रोककर श्रमिकों को छुट्टी दे दी है, जबकि कुछ कारोबारी अमेरिकी टैरिफ के स्थायी होने या खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।








