देश

Plastic straw – अब जूस पीने से पहले सोचना पड़ेगा दस बार, पराठों के साथ दही खाने पर कटेगा GST

Plastic straw – आज से भारत में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। केंद्र सरकार के इस फैसले से पैकेज्ड जूस, सॉफ्ट ड्रिंक और डेयरी उत्पाद बनाने और बेचने वाली कंपनियों पर असर पड़ा है।

आज से बेवरेज कंपनियां प्लास्टिक स्ट्रॉ से अपने उत्पाद नहीं बेच पाएंगी।

 Plastic straw - अब जूस पीने से पहले सोचना पड़ेगा दस बार, पराठों के साथ दही खाने पर कटेगा GST
photo by google

Plastic straw गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। वहीं, आज से सजावट के लिए झुमके, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की छड़ें, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी की छड़ें, आइसक्रीम की छड़ें, थर्मोकोल प्लेट, कप, कांटे, गिलास, चम्मच आदि के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

Plastic straw सूत्रों के मुताबिक, अमूल, मदर डेयरी और डाबर जैसी बड़ी कंपनियों ने सरकार से अपने फैसले को कुछ समय के लिए टालने का अनुरोध किया था। देश की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी अमूल ने कुछ दिन पहले सरकार को पत्र लिखकर Plastic straw  पर प्रतिबंध को निलंबित करने को कहा था। अमूल ने कहा कि सरकार के फैसले से दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक देश में किसानों और दूध की खपत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

Plastic straw  आपको बता दें कि भारत में सबसे बड़ा व्यवसाय जूस और डेयरी उत्पाद है जिसकी कीमत 5 रुपये से 30 रुपये के बीच है। अमूल, पेप्सिको, कोका-कोला, मदर डेयरी जैसी कंपनियों के पेय प्लास्टिक के स्ट्रॉ से ग्राहकों तक पहुंचते हैं। इसलिए बेवरेज कंपनियां सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन को लेकर चिंतित हैं। अब सरकार ने कंपनियों को वैकल्पिक घास की ओर बढ़ने को कहा है।

Plastic straw इस दौरान पारले एग्रो, डाबर और मदर डेयरी जैसे डेयरी उत्पादों के निर्माताओं ने पेपर स्ट्रॉ का आयात करना शुरू कर दिया है। हालांकि पेपर स्ट्रॉ की कीमत प्लास्टिक स्ट्रॉ की तुलना में अधिक है, लेकिन कंपनियां उत्पादों की बिक्री जारी रखने के लिए इसका सहारा ले रही हैं।

Plastic straw ये होता है सिंगल यूज प्लास्टिक
Plastic straw सिंगल यूज प्लास्टिक का मतलब प्लास्टिक है जिसे एक बार इस्तेमाल करने के बाद फेंक दिया जाता है। सिंगल यूज प्लास्टिक को रिसाइकिल नहीं किया जा सकता है। ज्यादातर सिंगल यूज प्लास्टिक को जला दिया जाता है या जमीन में दबा दिया जाता है। जिससे यह लंबे समय में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है।

Plastic straw - अब जूस पीने से पहले सोचना पड़ेगा दस बार, पराठों के साथ दही खाने पर कटेगा GST
photo by google

Also Read –  Cement – मकान बनाने खुशखबरी, घट गए सरिया, सीमेंट सहित इन चीजों के दाम

Also Read – Maruti Alto फिर अपने नए अंदाज में,फीचर्स के साथ लुक भी है बहुत जबरदस्त,देखिए

Also Read – Taarak Mehta – नहीं रही दया बैन

Also Read – पांच साल में भी 63 करोड़ के निर्माण कार्य ठण्डे बस्ते में

हुड़दंग न्यूज

हुड़दंग न्यूज (दबंग शहर की दबंग खबरें) संवाददाता की आवश्यकता है- संपर्क कीजिये-  hurdangnews@gmail.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button