पत्नी और सौतेली बेटी के हत्यारे को फांसी की सजा

6 जून 2025 को बरगी बसंत नगर निवासी आशीष भूमिया उर्फ आसिफ खान ने बरगी थाने में पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि लगभग 10 वर्ष पूर्व उसके पिता राशिद शाह ने उसकी मां राधा भूमिया उर्फ अंजुम बानो को छोड़ दिया था। उसकी मां ने बरगी निवासी रामजी भूमिया से शादी कर ली थी। उसकी बहन महक भी रामजी भूमिया के साथ रहती थी। रामजी भूमिया शराब पीकर आए दिन उसकी मां राधा भूमिया और महक के साथ मारपीट करता था ।

Vijay

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25 Jul 2026 1 min read
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पत्नी और सौतेली बेटी के हत्यारे को फांसी की सजा
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जबलपुर - अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार यादव ने बरगी के बसंत नगर में पत्नी और सौतेली बेटी की हत्या करने वाले रामजी भूमिया को फांसी की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 3 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 13 माह के रिकॉर्ड समय में सुनवाई पूरी कर आरोपी को सजा सुनाई है।


यह है मामला

6 जून 2025 को बरगी बसंत नगर निवासी आशीष भूमिया उर्फ आसिफ खान ने बरगी थाने में पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि लगभग 10 वर्ष पूर्व उसके पिता राशिद शाह ने उसकी मां राधा भूमिया उर्फ अंजुम बानो को छोड़ दिया था। उसकी मां ने बरगी निवासी रामजी भूमिया से शादी कर ली थी। उसकी बहन महक भी रामजी भूमिया के साथ रहती थी। रामजी भूमिया शराब पीकर आए दिन उसकी मां राधा भूमिया और महक के साथ मारपीट करता था ।

 इसके बाद रामजी भूमिया ने दोनों की हत्या कर दी। 6 जून 2025 को रात 9.30 बजे बहन महक ने भाई को फोन पर बताया कि मम्मी पापा की लड़ाई हो गई है। आशीष ने बताया कि वह जब घर पहुंचा तो मम्मी और रामजी के बीच विवाद हो रहा था। दोनों को समझाने के बाद आशीष बाहर आ गया था। थोड़ी देर बाद महक के चिल्लाने की आवाज आई। जब वह अंदर पहुंचा तो मम्मी और महक खून से लथपथ पड़े हुए थे। रामजी हाथ में बका लेकर खड़ा था। उसे देखते ही रामजी भाग गया।

 

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