मध्यप्रदेश

SINGRAULI NEWS : प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होते ही 15 दिन में हो जाएगा नामांतरण, नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर

SINGRAULI NEWS :  सिंगरौली. दो साल पहले प्रदेश के सीहोर और दतिया में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई साइबर तहसील व्यवस्था (Tehsil system) के अच्छे परिणाम सामने आने के बाद अब सभी जिलों में इसे लागू किया जा रहा है।

SINGRAULI NEWS : जिले की आठ तहसीलों में 2 फरवरी से ऑनलाइन ही कामकाज करने की तैयारी थी, जिसका सामूहिक कार्यक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित साह व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उज्जैन से यह योजना लांच करने वाले थे,

SINGRAULI NEWS : प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होते ही 15 दिन में हो जाएगा नामांतरण, नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर
SINGRAULI NEWS : प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होते ही 15 दिन में हो जाएगा नामांतरण, नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर

किंतु अंतिम समय में यह कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है, अब आगे की तिथि पृथक से जारी की जाएगी। साइबर तहसील बनने से अविवादित नामांतरण (undisputed transfer)) के प्रकरणों का तेजी से निराकरण होगा। इसमें क्रेता और विक्रेता को नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऑनलाइन उपस्थित होकर मामले सुलझाए जा सकेंगे।

रजिस्ट्री होते ही स्वत: ही नामांतरण का आवेदन ऑनलाइन ही साइबर तहसील के लिए बने पोर्टल पर पहुंच जाएंगा। यहां पर पटवारी और तहसीलदार अपनी ऑनलाइन (Tehsildar Apni Online) रिपोर्ट देंगे। अगर कोई विवादित मामला न हुआ और कोई आपत्ति नहीं आई तो क्रेता का नाम भूस्वामी के रूप में खसरे के कॉलम नंबर तीन पर दर्ज हो जाएगा।

SINGRAULI NEWS : पहले से लेकर अब तक ऐसे बदला पूरा सिस्टम: 2015 से पहले तक प्रापर्टी की रजिस्ट्री स्टांप पेपर पर मैन्युअल तरीके से होती थी। इसमें किसी भूखंड या मकान की तीनों साइड की फोटो और चतुर्दिक सीमाओं का मैप लगता था। इसके बाद 2015 से अभी तक ई-स्टांप पर रजिस्ट्री होती है।

इसके बाद नए साल से जीआईएस टैगिंग के आधार पर प्रापर्टी की नई फोटो कैप्चर होने लगेगी। उसी आधार पर सर्विस प्रोवाइडर रजिस्ट्री के लिए दस्तावेज तैयार करेंगे। इस सिस्टम से प्रापर्टी की लोकेशन (property location) की गलत जानकारी देकर छिपाया नहीं जा सकेगा।

नए सिस्टम में पक्षकार को रजिस्ट्रार ऑफिस आने की जरूरत नहीं होगी। नया दस्तावेज आधार से लिंक होगा। पक्षकार के पास घर बैठे ओटीपी नंबर आएगा, उसी से वेरिफिकेशन हो जाएगा। पहले आवेदक को नामांतरण कराने के लिए के चक्कर काटने पड़ते हैं।

SINGRAULI NEWS : नई व्यवस्था लागू करने की तिथि में किया गया परिवर्तन: 2 फरवरी को इन नई व्यवस्था को प्रदेश भर में लांच करने की कार्ययोजना थी। जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन (Mohan Yadav Ujjain) से इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश के लिए लांच करने वाले थे, किंतु अपरिहार्य कारणों से इस कार्यक्रम को निरस्त कर दिया गया है, अब इसके लिए अलग से तिथि का निर्धारण किया जाएगा।

SINGRAULI NEWS : ये सिस्टम करेंगे काम, संपदा 2.0 पर होगी रजिस्ट्री

जिले में रजिस्ट्री के लिए संपदा 2.0 लागू हो चुका है। इससे लोगों को कई फायदे मिलेंगे। अब भवन अथवा भूखंड की रजिस्ट्री कराते समय ही रेवेन्यू केस मानीटरिंग सिस्टम (आरसीएमएस) के जरिए भवन अथवा भूखंड स्वामी का नामांतरण फार्म भी भर दिया जाएगा।

इसके बाद यह नामांतरण फार्म सीधे साइबर तहसील कार्यालय में चला जाएगा। वहां से संबंधित व्यक्ति को बिना अलग से आवेदन किए ही 15 दिनों में नामांतरण पत्र मिल जाएगा।

SINGRAULI NEWS : प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होते ही 15 दिन में हो जाएगा नामांतरण, नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर
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SINGRAULI NEWS : प्रॉपर्टी जीआइएस सिस्टम से चिह्नित

संपदा 2.0 वर्जन को लागू करने से पहले विभाग ने शहर, ग्रामीण इलाके की लोकेशन जीआइएस सिस्टम से चिह्नित कर ली थी। उसी को आधार मानकर नई रजिस्ट्री (new registry) की जा रही हैं। पक्षकार मकान, भूखंड की रजिस्ट्री करवानी है। उसके 60 फीसदी या ज्यादा निर्माण हो चुका है तो निर्माण की जानकारी नहीं छिपा सकेंगे।

SINGRAULI NEWS : सरकार के नोटिफिकेशन के आधार पर योजना को लागू करना है

सरकार द्वारा साइबर तहसील के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। जल्द ही यह व्यवस्था शुरू होगी। जिले में एक सायबर तहसीलदार होगा। उसके जिम्मे पूरा कार्य होगा। अंश रकबा की रजिस्ट्री में पूर्व की भांति ही नामांतरण कराना होगा। जल्द ही इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

SINGRAULI NEWS : अरुण परमार, कलेक्टर

रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण का प्रकरण दर्ज होगा। इसकी सूचना आवेदक को दी जाएगी। स्वचालित प्रणाली से प्रकरण साइबर तहसील के लिए अग्रेषित होगा। साइबर तहसीलदार इसे रेंडम प्रणाली से नियत करेंगे। इसके बाद इश्तेहार जारी होगा। फिर पटवारी ऑनलाइन ही प्रतिवेदन देंगे।

इसी बीच ऑनलाइन दावे-आपत्ति भी दर्ज किए जा सकेंगे। अगर कोई दावा-आपत्ति नहीं है तो क्षेत्रीय तहसीलदार के पास प्रकरण स्वत: पहुंच जाएगा। पटवारी सकारात्मक (patwari positive) प्रतिवेदन देंगे। इसके बाद साइबर तहसीलदार द्वारा आदेश पारित किया जाएगा, जो भू-अभिलेख में दर्ज होगा। अगले चरण में आदेश प्रति खसरा प्रदान किया जाएगा

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सुलेखा साहू

समाचार संपादक @ हुड़दंग न्यूज (दबंग शहर की दबंग खबरें)समाचार / लेख / विज्ञापन के लिए संपर्क कीजिये-  hurdangnews@gmail.com

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