मध्यप्रदेशसिंगरौली

SINGRAULI – जप्त इमारती लकडिय़ों को कार्रवाई करने से भूला राजस्व अमला

सिंगरौली । चितरंगी तहसील के बिछिया गांव में 13 मई को तत्कालीन तहसीलदार कुनाल राउत के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक व तीन पटवारियों ने लाखों कीमत की बेसकीमती सागौन, खैर सहित अन्य काटे गये पेंड़ों को बरामद कर पंचनामा तैयार कर कई पेंड़ों को जप्त किया था। किन्तु उक्त कार्रवाई के तकरीबन 7 महीने बाद भी राजस्व अमले ने कोई खोज खबर नहीं लिया और मौके से बरामद बेसकीमती लाखों रूपये की इमारती लकडिय़ां गायब हो गयी हैं। जिस पर मार्कण्डेय द्विवेदी ने तत्कालीन तहसीलदार व राजस्व निरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर व एसडीएम के यहां शिकायत किया है।

तत्संबंध में मार्कण्डेय द्विवेदी का आरोप है कि तहसील चितरंगी के बिछिया स्थित गांव में 13 मई 2021 को राजेन्द्र द्विवेदी, संदीप द्विवेदी एवं कृपाशंकर पाण्डेय ने तकरीबन 28 की संख्या में खैर, दो भारी-भरकम सागौन, यूकेलिप्टस बेसकीमती पेड़ों की आरा मशीन से क टाई कर बेचने की फिराक में थे। शिकायत मिलने पर मौके पर तत्कालीन आरआई एवं हल्का पटवारी पहुंच स्थल पंचनामा तैयार कराते हुए लकडिय़ों को जप्त किया था।

उनका आरोप है कि बेसकीमती इमारती लकडिय़ों को जप्त करने के दौरान राजस्व अमले ने गड़बड़झाला करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा है। तैयार किये गये पंचनामा में मौके पर 20 की संख्या में खैर पेंड़ जप्त करने का जिक्र था। लेकिन जप्ती एवं सुपुर्दगी नामा में खैर पेंड़ों को गोलमाल कर दिया था। आगे बताया कि उक्त प्रकरण तहसील न्यायालय में चला गया और उस दौरान तत्कालीन तहसीलदार ने आश्वस्त किया था कि इसमें हर हाल में कार्रवाई होगी।

उन्होंने आरोप लगाया है कि कार्रवाई के 7 महीने बाद भी राजस्व अमला सोता रहा और लाखों रूपये कीमत की इमारती लकडिय़ां गायब हो गयी हैं। इस पूरे खेल में राजस्व अमले की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कलेक्टर एवं एसडीएम के यहां लिखित शिकायत कर उक्त मामले की जांच कर कार्रवाई किये जाने की मांग की है।

पंचनामा एवं जप्तीनामा में घालमेल
शिकायतकर्ता मार्क ण्डेय द्विवेदी का आरोप है कि 13 मई को राजस्व निरीक्षक, 3 पटवारी, तत्कालीन पंचायत सचिव व ग्रामीण जनों की मौजूदगी में बेसकीमती इमारती लकडिय़ों को जप्त कर पंचनामा तैयार किया गया था। पंचनामा में अवैध रूप से काटे गये 20 की संख्या में खैर के हरे पेंड़, सागौन के 2,्र यूकेलिप्टस का 1 पेंड़ शामिल था। पंचनामा में जेसीबी मशीन से जड़ से उखाडऩे का भी जिक्र किया गया, लेकिन जप्ती व सुपुर्दगी नामा में खैर के 18 पेड़ों को गायब कर दिया। उस दौरान भी आपत्ति की गयी, लेकिन मौके पर मौजूद आरआई ने आश्वस्त किया था कि पंचनामा के अनुसार ही संबंधित जनों के विरूद्ध कार्रवाई होगी। बावजूद इसके अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी।

लकडिय़ां गायब राजस्व अमला बेसुध
आरोप है कि स्थल पंचनामा तैयार करने के करीब 7 महीना से अधिक का समय गुजर गया, लेकिन तहसील चितरंगी के द्वारा बेसकीमती पेड़ों की अवैध कटाई करने वालों के विरूद्ध अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी और मौके से इमारती लकडिय़ां भी गायब हैं। शिकायतकर्ता ने राजस्व अधिकारियों पर गंभीर आरोप मढ़ते हुए लकड़ी के अवैध कारोबारियों से सांठ-गांठ होने का आरोप मढ़ दिया और कहा है कि राजस्व अधिकारियों ने इन पर बड़ा दरियादिली दिखाया है। इसके पीछे कई राज छुपे हैं।

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