मध्यप्रदेशसिंगरौली

Singrauli : विस्थापन का दर्द: और यह हंसता खेलता शहर

Singrauli :  क्या रूपये पैसे से हो पायेगी आपसी सम्बंधों की भरपाई!  देश की ऊर्जा सुरक्षा और जरूरतों को पूरा करने  के लिए एक जीता जागता शहर सिंगरौली मिटने की कगार पर है।

पहले कागजी प्रक्रिया पूरी की गई और कागजोंं के आदेशों के जरिए पूरे शहर को नॉदर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड सिंगरौली ने समस्त अधिकार अर्जित कर लिए हैं।
Singrauli : विस्थापन का दर्द: और यह हंसता खेलता शहर
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 कोयला धारक क्षेत्र अधिनियम १९५७ की धारा-९ के तहत यहां पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपनी ही भूमि पर मकान बनाने, अपने स्वामित्व की जमीन का क्रय विक्रय करने और उसके बंटवारे या नामांतरण की प्रक्रिया पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
Singrauli :  १५ फरवरी २०२४ को दो दिन के प्रयास के बाद प्रयोगात्मक रूप से ड्रोन बेस्ड सर्वे करके शहर की वास्तु स्थिति जानने का प्रयास किया जा रहा है। जिसमें जीपीएस आधारित तकनीक से प्रत्येक मकान की पैमाइश कर ली जायेगी और उसके बाद एक एक घर में रहने वाले परिवार उसके सदस्यों की संख्या की जानकारी करके उस जमीन और मकान का मूल्यांकन किया जायेगा।
वह इसलिए ताकि आपके जीवन भर या आपके कई पीढिय़ों की कमाई में सूद ब्याज आदि जोड़कर अदा किया जा सके और आपको आपके घर से ही दफा किया जा सके।
घर मकान का मूल्यांकन कुछ रूपयों से कर दिया जायेगा, एक अच्छे पड़ोसी और उसके साथ निभाए गये वर्षो के मधुर रिश्तों, घुली मिठास और एक दूसरे लिए दिए गये समय का मूल्यांकन कैसे किया जायेगी। अहम सवाल यह है कि क्या सरकार आपसी सम्बंधों की भरपायी रूपये पैसे से कर पायेगी।
Singrauli : बसने ही क्यों दिया था ? 
तकरीबन ५ दशक पहले कोल इंडिया के द्वारा यह तय किया जा चुका था कि सिंगरौली शहर जहां पर  बसा हुआ है वहां पर कोयला है। तो फिर यहां पर लोगों को बसने ही क्यों दिया गया था, जिस प्रकार अब प्रतिबंध लगाया गया है उन्हीं दिनों जंगल जैसी जमीन को अपने कोल इंडिया को अपने आधिपत्य में लेकर छोडऩा था
जैसा कि अभी भी कई हजार हेक्टेयर जमीन निष्प्रायोज्य पड़ी है। बसे बसाए शहर,बाजार,दर्जनों स्कूल, अस्पताल,प्रार्थना गृह मंदिर,मस्जिद गुरूद्वारे और गिरिजाघर, शहर की सड़कों सहित तमाम सरकारी निर्माण, लगभग २०हजार करोड़ से भी अधिक के मूल्यांकन वाले शहर को ध्वस्त करने से क्या राष्ट्र का नुकसान नही होगा।

सुलेखा साहू

समाचार संपादक @ हुड़दंग न्यूज (दबंग शहर की दबंग खबरें)समाचार / लेख / विज्ञापन के लिए संपर्क कीजिये-  hurdangnews@gmail.com

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