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SINGRAULI – सिंगरौली जिले के मरीज के शव को बनाया बंधक

SINGRAULI संवाददाता। सिंगरौली जिले के मरीज के शव को बनाया बंधक, सिंगरौली जिले से अपनी पत्नि का इलाज कराने जबलपुर गए एक व्यक्ति का लाखों रुपयो इलाज में खर्च हो गया, लेकिन उसके बावजूद भी उसकी पत्नी की जान नहीं बच सकी। हालत ये है कि अस्पताल प्रबंधन का बकाया बिल देने के लिये उसके पास पैसे ही नहीं बचे, जिससे परेशान निराश पीडित दरदर पैसो के अभाव में मजबूर भटक रहा है।

वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है उनकी ओर से पीड़ित  लिये हर संभव मदद की गई और बकाया राशि पर भी वह जो मदद करने तैयार है, मदद की दरकार है, लेकिन पूरा बिल माफ करना उनके लिये नामुमकिन है। विश्वकर्मा की पत्नि 40 वर्षीय फूलवती विश्वकर्मा के दोनों पैरों में तकलीफ हुई। प्राप्त जानकारी अनुसार सिंगरौली जिले के ग्राम लौरी निवासी सीता प्रसाद जिसका स्थनीय स्तर पर उपचार कराया गया, कोई राहत न मिलने पर पीड़ित 31 सितंबर को अपनी पत्नि फूलवती को लेकर स्वातिक अस्पताल जबलपुर लेकर पहुंचा। जहां चिकित्सकों ने अपने स्तर महिला का उपचार किया।

पीड़ित का कहना है कि 40 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान दवा पर उनका करीब साढ़े तीन लाख रुपये खर्च हो गया. लेकिन उसकी पत्नि को किसी प्रकार को राहत नहीं मिली। न तो ऑक्सीजन लेवल बढ़ा और न ही पैरो का दर्द खत्म हुआ। इसके बाद आज बुधवार सुबह 5 बजे उनकी पत्नि का देहावसान हो गया। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें 5 से 7 लाख रुपये का बिल थमा दिया और विल भुगतान के बाद ही शव ले जाने की बात कहीं।

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लाखो खर्च के बाद भी नहीं मिला समुचित उपचार

पीड़ित ने आरोप लगाया कि पिछले 40 दिन से अधिक समय से उनकी पति अस्पताल में भर्ती रही। जिसके इलाज में करीब साढ़े तीन लाख रुपये को दवाईयां लग गई । इसके बाद भी उसकी पत्नि की हालत में सुधार नहीं हुआ और हालत दिनों दिन विगड़ती गई। न तो ऑक्सीजन लेबल बढ़ा और न ही फीवर उतरा, पैरों के दर्द की तो बात ही अलग है। इसके बाद अब जब उनके पास जब फूटी कौड़ी नहीं बची तो अस्पातल प्रबंधन ने लाखों का बिल थमा दिय।

मोक्ष बना सहारा

पैसों के अभाव में महिला की शव परिजन को सौंपने से इंकार किये जाने को जानकारी जैसे ही मोक्ष मानव सेवा संस्थान के आशीष ठाकुर को लगी तो वह मौके पर पहुंचे और पीड़ित को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। आशीष ने अस्पताल प्रबंधन से चर्चा कर महिला के शव को परिजनों के सौंपने की बात की, जिस पर अस्पताल प्रबंधन राजी हुआ।

वहीं बकाया बिल को लेकर पीड़ित के परिचित और अस्पताल प्रबंधन के बीच चर्चा हुई, जिसके बाद प्रबंधन ने बिल की राशि माफ कर दी। आशीष ठाकुर ने बताया कि उनके द्वारा हमेशा से ही ऐसे शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है, वहीं पर मौके पर जाकर पीड़ितों को मदद का हर संभव प्रयास भी किया जाता है।

SINGRAULI - सिंगरौली जिले के मरीज के शव को बनाया बंधक
SINGRAULI – सिंगरौली जिले के मरीज के शव को बनाया बंधक

महिला पिछले 50 दिन से अस्पताल में भर्ती है। उसके साथ तीन लोग रुके थे। | जिनकी मजबूरी को समझते हुए हर संभव मदद की गई। जांच से लेकर उनके रूकने व खाने की व्यवस्था भी की गई। महिला को कई गंभीर बीमारियां थी, जो कि आज जिंदगी की जंग हार गई । गरीज के उपचार का करीब पांच लाख से अधिक का बिल हैं. इसके बावजूद उसने हम कंशीडर करने तैयार है, लेकिन पूरा बिल माफ नहीं किया जा सकता । जो अधिक से अधिक संभव होगा, हम मदद के लिये तैयार है। अभिषेक, एडमिस्ट्रेिटिव स्वास्तिक अस्पताल

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