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MP – वाह रे व्यवस्था! मौत के डेढ़ माह बाद लगा टीका, प्रमाण पत्र भी हुआ जारी

मौत के डेढ़ माह बाद लगा टीका – एक ऐसा मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नागौद के अंतर्गत आने वाले झिंगोदर गांव का मामला प्रकाश में आया है। यहां पर 7 नवम्बर को उस व्यक्ति को दूसरे डोज का प्रमाण पत्र जारी हो गया है जिसकी मौत डेढ़ माह पहले हो गई है। इसी तरह से इसी गांव के एक व्यक्ति जिसने दूसरा डोज लगवाया ही नहीं उसका भी दूसरे डोज का प्रमाण पत्र जारी हो गया है। इस तरह से प्रमाण पत्र जारी होने से गांव में काफी चर्चा है।

एक ही गांव के ये दोनों मामले वैक्सीनेशन अभियान का आइना दिखा रही हैं। अगर देखा जाए तो वैक्सिीनेशन अभियान में इस तरह की लापरवाही का कोई यह पहला मामला नहीं है। जब से वैक्सीनेशन अभियान व्यापक पैमाने पर शुÞरू किया गया तब से लगातार इसी तरह के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। जो सबसे गंभीर विषय है। वैश्विक महामारी का दर्जा पा चुके कोरोना संक्रमण की रफ्तार भले भी रुक गई हो लेकिन वैक्सीनेशन का अभियान अभी भी तेजी के साथ चल रहा है।

संक्रमण की इस लाइलाज बीमारी से बचाने के लिए गांव-गांव टीकारण का कार्य चल रहा है। कोई भी टीकाकरण से छुट न जाए इसके लिए मैदानी अमले द्वारा जागरूक भी किया जा रहा है। इसके बाद भी वैक्सीनेशन में इस तरह के लापरवाही के मामले प्रकाश में आ रहे हैं जो टीकाकरण से जुड़े जिम्मेदारों पर बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहे हैं कि जब टीका लगा ही नहीं तो फिर वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र कैसे जारी हो गया। कहीं न कहीं लापरवाही की जा रही है। लोगों के स्वास्थ्य को लेकर की जा रही इस लापरवाही को हल्के से लिया गया तो परिणाम सार्थक नहीं निकलेगे। जिसका दंश आने वाले समय में सभी को कहीं न चुकाना पडेÞ।

केस क्रमांक 1

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नागौद के अंतर्गत आने वाले झिंगोदर में राजकिशोर पाण्डेय की मौत डेढ़ माह पहले हो चुकी है। बताया गया है कि मौत के पहले उन्होने वैक्सीन का पहला डोज 15 जुलाई 2021 को पीएचसी अमकुई के अंतर्गत आने वाली उपस्वास्थ्य केन्द्र झिंगोदर में लगवाया। बीमारी से गृसित होने के चलते उनकी मौत हो गई। इसके बाद दूसरे डोज और प्रमाण पत्र का कोई प्रश्न ही नहीं उठता लेकिन 7 नवम्बर 2021 को राजकिशोर पाण्डेय के दूसरे डोज का प्रमाण पत्र जारी हुआ है। इसका मतलब यह है कि जब राज किशोर को वैक्सीन लगी तब तो प्रमाण पत्र जारी हुआ। लेकिन यह संभव कैसे है जब राज किशोर की डेढ़ माह पहले मौत हो गई है तो फिर टीका कैसे लगाया गया और प्रमाण पत्र कैसे जारी हो गया। इसे चूक कहे या लापरवाही जिसका जवाब टीकाकरण से जुडेÞ जिम्मेदारों के पास ही है।

केस क्रमांक 2

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नागौद के अंतर्गत आने वाले झिंगोदर गांव के निवासी विद्याभास्कर पाण्डेय को वैक्सीन का पहला डोज 26 जुलाई 2021 को धौरहरा में लगा। श्री पाण्डेय का कहना है कि मैने दूसरा डोज आज तक लगवाया ही नहीं है इसके बाद भी दूसरे डोज का प्रमाण पत्र 7 नवम्बर 2021 को जारी हो गया है। बिना लगाये जारी हुए प्रमाण पत्र को लेकर विद्याभास्कर पाण्डेय काफी चिंतित हैं। उनका कहना है कि ला इलाज बीमारी को इस तरह से जिम्मेदार अंदेखा कर रहे हैं तो फिर वे लोगों के स्वास्थ्य को लेकर संजीदा है यह कैसे कह सकते हैं। इन लापरवाहों पर जिम्मेदारों को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए तकि इस तरह की लापरवाही फिर से न हो।

वाह रे व्यवस्था! मौत के डेढ़ माह बाद लगा टीका, प्रमाण पत्र भी हुआ जारी
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