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Life Insurance Policy को करना चाहते हैं सरेंडर? जानिए क्‍या है प्रक्रिया और कौन से दस्‍तावेज हैं जरूरी

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अगर पॉलिसीधारक को बीमा योजना से जुड़े सभी लाभ नहीं मिलते तो वह जीवन बीमा पॉलिसी को सरेंडर कर सकता है। ऐसा इसलिए हो सकता है, क्योंकि वह पॉलिसी Insurance  की कमिटमेंट अवधि को पूरा नहीं कर पा रहा है और योजना के लाभों का फायदा लेने के लिए बीमा Insurance कंपनी  द्वारा लगाए गए निश्चित प्रीमियम का भुगतान नहीं कर पा रहा है।

पॉलिसी Insurance को सरेंडर करने पर उसके फायदे लेने के लिए, पॉलिसीधारक Insurance को बीमा कंपनी द्वारा तय की गई सरेंडर प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और सरेंडर शुल्क का भुगतान करना पड़ता है। यह बीमाकर्ता से बीमाकर्ता अलग हो सकता है।

इसलिए अगर आप मध्यावधि में एक पॉलिसी Insurance  सरेंडर करते हैं, तो आपको बचत और कमाई के लिए आवंटित राशि का एक योग (सरेंडर वैल्यू) मिलेगा। इसके अलावा इस राशि से एक सरेंडर चार्ज भी काटा जाता है, जो हर पॉलिसी में अलग-अलग होता है।

समर्पण मूल्य वह राशि है जो एक पॉलिसीधारक Insurance जीवन बीमाकर्ता से तब लेता है जब वह परिपक्वता से पहले पॉलिसी Insurance को बंद करने का निर्णय लेता है। मान लीजिए कि पॉलिसीधारक मध्यावधि सरेंडर करने का फैसला करता है, तो उस स्थिति में उसे कमाई और बचत के लिए आवंटित राशि का भुगतान किया जाएगा। इसमें से पॉलिसी Insurance के आधार पर सरेंडर शुल्क काटा जाता है।

स्पेशल सरेंडर वैल्यू

इसे समझने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि पेड-अप वैल्यू क्या है। मान लीजिए कि पॉलिसीधारक Insurance एक विशिष्ट अवधि के बाद प्रीमियम का भुगतान करना बंद कर देता है, तो पॉलिसी Insurance जारी रहेगी, लेकिन कम बीमित राशि पर जिसे पेड-अप मूल्य कहा जाता है। पेड-अप मूल्य की गणना मूल बीमित राशि को भुगतान किए गए प्रीमियमों की संख्या और देय प्रीमियमों की संख्या के भागफल से गुणा करके की जाती है। पॉलिसी Insurance को बंद करने पर आपको एक विशेष सरेंडर वैल्यू मिलती है, जिसकी गणना पेड-अप वैल्यू के योग के रूप में की जाती है और कुल बोनस को सरेंडर वैल्यू फैक्टर से गुणा किया जाता है।

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क्या है चार्ज

शुल्क पॉलिसी Insurance के सरेंडर के समय काटा जाता है और शेष राशि का भुगतान पॉलिसीधारक को किया जाता है।

क्या लगते हैं कागजात

एक पॉलिसी Insurance सरेंडर रिक्वेस्ट भरना होगा और बीमा कंपनी को जमा करना होगा। आवेदन के साथ मूल पॉलिसी Insurance दस्तावेज, एक रद चेक और केवाईसी दस्तावेजों की एक सेल्फ अटेस्टेड कॉपी जोड़ना होगा। फॉर्म में सरेंडर का कारण भी बताना पड़ सकता है। एक बार सरेंडर आवेदन जमा करने के बाद इसे 7-10 कार्य दिवसों के भीतर प्रोसेस में लाया जाता है।

हुड़दंग न्यूज

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