पन्नामध्यप्रदेश

पन्ना टाइगर रिजर्व में युवा बाघिन की मौत

पन्ना –  इस खबर की पुष्टि करते हुए फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि यह वयस्क बाघिन 5 वर्ष 3 महीने की थी। इसके आगे की पैर में चोट होने से लगड़ा रही थी। जब हमें जानकारी मिली तो बीते 2 दिन से डॉक्टर संजीव कुमार गुप्ता इसका इलाज कर रहे थे। कुछ एंटीबायोटिक दवा भी दी थी। लेकिन आज सुबह कोनी बीट के नाले के पास मृत अवस्था में पाई गई। क्षेत्र संचालक ने बताया कि इसका प्रोटोकॉल के तहत पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार किया गया है।

मौत का वास्तविक कारण पता लगाने के लिए शरीर के अंगों को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। यह भी पता लगाया जाएगा कि कहीं बाघिन में किसी विषाणु का संक्रमण तो नहीं था। इस बाघिन से की मौत से टाइगर रिजर्व में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। सूचना के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन के मैदानी कर्मचारियों के अलावा फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर जरांडे ईश्वर रामहरी, बाघ विशेषज्ञ डॉक्टर संजीव कुमार गुप्ता सहित रेंजर और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बरामदगी की कार्यवाही करते हुए पोस्टमार्टम कर शरीर के सभी अंगों को जला दिया गया। फील्ड डारेक्टर ने विस्तृत जानकारी में बताय कि यह बाघिन टी-2 के प्रथम लिटर की तीसरी बाघिन पी-213 के तीसरे लिटर की दूसरी बाघिन है।

सूचना प्राप्त होते ही मौके पर पहुंचकर मौका निरीक्षण किया गया। मौके पर अवैध गतिविधि के कोई चिन्ह नहीं पाये गये। मृत बाघिन का पोस्ट मार्टम वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव कुमार गुप्ता द्वारा किया गया तथा सेम्पल एकत्रित किये गये। मौके पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि के रूप में इन्द्रभान सिंह बुन्देला, जिला समन्वयक लास्ट वाइल्डरनेस फाउण्डेशन उपस्थित रहे। मृत बाघिन के बिसरा आदि के सेम्पल लिये गये है, जिसकी जांच उपरान्त मृत्यु का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। फील्ड डारेक्टर का कहना है कि प्रथम दृष्ट्या मृत्यु का कारण प्राकृतिक प्रतीत होता है।

हुड़दंग न्यूज

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