Singrauli: प्रत्येक माता-पिता का यह सपना होता है कि उनका बच्चा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर परिवार, समाज और क्षेत्र का नाम रोशन करे तथा देश के किसी प्रतिष्ठित पद तक पहुंचे। इस सपने को साकार करने में माता-पिता का संघर्ष, मार्गदर्शन और आशीर्वाद अहम भूमिका निभाता है। ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण सिंगरौली जिले के कटौली गांव निवासी नीरज द्विवेदी ने प्रस्तुत किया है।
नीरज द्विवेदी ने ऑल इंडिया बार परीक्षा (AIBE) 2025 में उत्कृष्ट अंकों के साथ सफलता प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। जारी परिणाम के अनुसार, परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अब वे अखिल भारतीय स्तर पर किसी भी न्यायालय में वकालत करने के लिए अधिकृत हो गए हैं।
नीरज द्विवेदी के पिता रामअवध द्विवेदी पेशे से किसान हैं, जबकि माता गीता द्विवेदी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी, जिसका सकारात्मक परिणाम आज सामने है।
अपनी सफलता के बारे में नीरज द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने पूरी लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के साथ परीक्षा की तैयारी की। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय पिता के संघर्ष, माता के आशीर्वाद के साथ-साथ चाचा बैकुंठ दुबे एवं चाची तारा दुबे के सहयोग और मार्गदर्शन को दिया।
नीरज की इस सफलता से गांव और क्षेत्र में हर्ष का माहौल है, वहीं युवा वर्ग के लिए यह उपलब्धि प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई है। उन्होंने बताया कि आगे वह ज्यूडिशरी की तैयारी करने में लगे हुए हैं।








