वाराणसी। काशी के मणिकर्णिका घाट पर स्थित मसान नाथ मंदिर में शनिवार को चिता भस्म की होली की परंपरा निभाई गयी। इस दौरान घाट पर आम लोगों का प्रवेश वर्जित किया गया था। साधु-संतों ने चिता भस्म से होली काशी की परंपरा को बरकरार रखा।
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने कहाकि मणिकर्णिका घाट के आयोजकों के साथ संवाद किया गया था, जिसमें उन्होंने मणिकर्णिका मंदिर में चिता भस्म की होली खेलने की बात कही थी। ऐसे में घाट पर किसी को चिता भस्म की होली खेलने की अनुमति नहीं दी गयी।
मणिकर्णिका घाट पर केवल शवदाह करने वाले लोगों को ही आने की अनुमति थी। अन्य लोगों के प्रवेश पर रोक रही। आम लोगों को भस्म की होली खेलने के लिए घाट पर नहीं जाने दिया गया। इस दौरान भारी संख्या में फोर्स की तैनाती की गई।
वहीं ड्रोन से भी लगातार निगरानी की गई। एसीपी दशाश्वमेध ने बताया कि मणिकर्णिका घाट पर 12 थानों के इंस्पेक्टर, कई चौकी इंचार्ज, पीएसी की चार कंपनी और एक कंपनी आरआरएफ समेत पर्याप्त फोर्स की व्यवस्था की गयी थी। वहीं मसान होली के आयोजक गुलशन कपूर ने कहाकि मसाननाथ मंदिर में चिता भस्म की होली खेली जाएगी। घाट पर होली खेलने वालों की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।
मणिकर्णिका घाट की तरफ आने वाली गलियों में बैरिकेडिंग की गयी थी । गलियों से किसी को भी घाट की तरफ नहीं आने दिया जा रहा था। मालूम हो कि इधर कुछ सालों से सोशल मीडिया पर मणिकर्णिका घाट पर होने वाली अद्भुत चिता भस्म की होली को देखने के लिए काशी में महिलाएं और पुरुषों की भारी भीड़ उमडते लगी थी। जिससे काशी की संकरी गलियों में जाम लगने के साथ ही शव यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही लोगों की सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े किये जा रहे थे। इस बार मणिकर्णिका घाट पर हो रहे नवनिर्माण और लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से मणिकर्णिका घाट आम लोगों का प्रवेश पर वर्जित किया गया था।







