छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक ऐसी घटना घटी जो पुलिस महकमे के लिए शर्मिंदगी का सबब बन गई। 27 अप्रैल की रात सत्तीपारा दीवान तालाब क्षेत्र में नशा तस्करी पर छापा मारने गई पुलिस टीम की सरकारी बोलेरो गाड़ी ही चोरी हो गई।
घटना का पूरा विवरण
प्रशिक्षु डीएसपी प्रशांत कुर्रे और आरक्षक संतोष पाठक अपनी टीम के साथ वाहन नंबर CG 03A 1050 लेकर रेड के लिए पहुंचे थे। सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर उतरते ही संदिग्ध मुकेश यादव ने मौका देख चाबी उठाई, जो ड्राइवर की जेब से गिर गई थी। आरोपी ने गाड़ी स्टार्ट कर फरार हो गया।
जब टीम लौटी तो गाड़ी गायब। आसपास पूछताछ से पता चला कि मुकेश यादव ही वाहन ले गया। कंट्रोल रूम से अलर्ट जारी कर घेराबंदी की गई।
मोबाइल लोकेशन ने बचाया दिन
गाड़ी में भूला प्रशिक्षु डीएसपी का मोबाइल फोन चोर का दुश्मन बन गया। लोकेशन ट्रेस कर राम मंदिर के पास मुकेश को दबोच लिया गया। गाड़ी सुरक्षित बरामद, आरोपी के खिलाफ चोरी की FIR दर्ज।
पुलिस की चुप्पी और सवाल
आरक्षक ने FIR दर्ज कराई, लेकिन उच्च अधिकारी इस पर खामोश हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह घटना पुलिस की सतर्कता पर सवाल खड़े करती है। चोरों का हौसला इतना बुलंद कि सरकारी वाहन चुरा लेते हैं।
जिले में बढ़ते अपराध
सरगुजा में वाहन चोरी के मामले बढ़ रहे हैं। हाल ही में पुलिस ने बाइक चोर गिरोह पकड़ा, 7 वाहन बरामद। फिर भी, ऐसी लापरवाही दुर्लभ। एसएसपी राहुल बंसल से टिप्पणी की प्रतीक्षा।








