ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर जहाजों को जलाने की धमकी दी। 50% तेल आयात पर निर्भर भारत में पेट्रोल महंगा, महंगाई का खतरा, ईरान ने अमेरिका के हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार पर खतरा मंडराने लगा है। इस संकरे समुद्री रास्ते से गुजरने वाले किसी भी जहाज को नष्ट करने की चेतावनी जारी की गई है।
घटना का विवरण
ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जबारी ने सोमवार को घोषणा की कि होर्मुज स्ट्रेट अब बंद है। उन्होंने कहा कि नौसेना और गार्ड्स किसी भी प्रयास करने वाले जहाज को आग के हवाले कर देंगे। यह फैसला अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के तीन दिनों बाद आया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या भी शामिल बताई जा रही है।
वैश्विक ऊर्जा पर संकट
यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, जहां से दुनिया की 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति गुजरती है। बंद होने से तेल कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं, जिसका असर शेयर बाजारों और व्यापार पर पड़ेगा। ईरान ने तेल पाइपलाइनों पर भी हमले की धमकी दी है।
भारत पर सीधा प्रभाव
भारत अपनी कच्चे तेल जरूरत का करीब 50 प्रतिशत इसी मार्ग से आयात करता है, मुख्यतः सऊदी अरब, इराक और यूएई से। मार्ग अवरुद्ध होने से पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे, महंगाई बढ़ेगी और चालू खाता घाटा गहराएगा। सरकार को रूस जैसे वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भरता बढ़ानी पड़ सकती है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंध चुनौती हैं।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अभियान चार-पांच सप्ताह चलेगा और ईरान की मिसाइल क्षमता नष्ट हो रही है। पेंटागन ने अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं, जबकि छह अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। ईरान ने बातचीत से इनकार कर दिया है।
आगे की आशंकाएं
यह संकट मध्य पूर्व को व्यापक युद्ध की ओर धकेल सकता है। भारत जैसे देशों को ऊर्जा भंडारण और कूटनीतिक प्रयास तेज करने होंगे। वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यह ‘धड़कन’ रुकने जैसा है।








