मध्य प्रदेश के सीधी जिले से आज एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। जहाँ एक तरफ पूरा देश संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के जश्न में डूबा था, वहीं सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में मामूली विवाद ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। इस बवाल में पुलिसकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं और इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
विवाद की जड़: एक बोलेरो गाड़ी बनी वजह
मिली जानकारी के अनुसार, अमिलिया में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं द्वारा आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में एक विशाल रैली निकाली जा रही थी। रैली जब मुख्य मार्ग से गुजर रही थी, तभी सड़क पर खड़ी एक बोलेरो गाड़ी को हटाने को लेकर रैली में शामिल युवाओं और स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह बहस देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। विवाद इतना बढ़ा कि रैली में शामिल सैकड़ों की भीड़ उग्र हो गई।
घर में घुसकर हमला और पुलिस थाने पर पथराव
भीड़ का गुस्सा सबसे पहले स्थानीय निवासी मनी शुक्ला के परिवार पर फूटा। बताया जा रहा है कि भीड़ मनी शुक्ला के घर में घुस गई और वहां मौजूद सदस्यों के साथ जमकर मारपीट की। इस हमले में मनी शुक्ला, रमाकांत शुक्ला, अर्चना शुक्ला और दिव्यांश शुक्ला गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं, जिनके सिर पर पत्थर लगने से गहरी चोटें आई हैं।
घर में तांडव मचाने के बाद उपद्रवी यहीं नहीं रुके। उत्तेजित भीड़ सीधे अमिलिया थाना परिसर में जा घुसी। भीड़ ने कानून को हाथ में लेते हुए थाना प्रभारी राकेश बेस और वहां मौजूद स्टाफ के साथ हाथापाई की। उपद्रवियों ने थाने के भीतर कार्यालय और विवेचक कक्ष में तोड़फोड़ की और परिसर में खड़े पुलिस वाहनों सहित निजी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हमले में पुलिसकर्मी रामचरित्र पांडे और सतीश तिवारी को भी गंभीर चोटें आई हैं।
प्रशासनिक मुस्तैदी और फ्लैग मार्च
घटना की सूचना मिलते ही जिला मुख्यालय से भारी पुलिस बल अमिलिया के लिए रवाना किया गया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। फिलहाल बाजार क्षेत्र में पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है ताकि शांति व्यवस्था बहाल की जा सके।








