Expressway Accident – मथुरा, उत्तर प्रदेश: यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के माइलस्टोन 127 के पास घना कोहरा जानलेवा साबित हुआ। दृश्यता शून्य होने के कारण दर्जनभर वाहन एक-दूसरे से टकरा गए, जिनमें कई बसें और कारें शामिल थीं। टक्कर के तुरंत बाद लगी आग ने पूरे इलाके को दहशत में भर दिया। इस भीषण हादसे में 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक घायल बताए जा रहे हैं।

Expressway Accident – दुर्घटना की शुरुआत तड़के करीब पौने चार बजे दो कारों की भिड़ंत से हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मामूली टक्कर के बाद दोनों वाहनों के यात्रियों में बहस शुरू हो गई। तभी पीछे से आ रही एक कार ने टकराया और उसका पेट्रोल टैंक फट गया। देखते ही देखते आग भड़क उठी, जिसके बाद पीछे से आ रहीं डबल डेकर बसें भी एक के बाद एक आपस में टकराने लगीं। कुछ ही मिनटों में कई वाहन लपटों में घिर गए।
Expressway Accident -दमकल विभाग की लगभग 15 गाड़ियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर पहुंची पुलिस, फायरकर्मियों और एसडीआरएफ टीम ने झुलसे यात्री और शवों को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई यात्रियों को बस से निकलने का मौका तक नहीं मिल सका और वे अंदर ही जल गए।

Expressway Accident – हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मौके से अधजले शव और कुछ यात्रियों के कंकाल तक मिले हैं। पहचान कठिन होने के कारण अब डीएनए जांच की तैयारी की जा रही है। घायलों को मथुरा, वृंदावन और आगरा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
Expressway Accident – राज्य सरकार ने मारे गए यात्रियों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को पचास हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

Expressway Accident – स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोहरे में वाहन सावधानी से चलते और धैर्य नहीं खोते, तो यह त्रासदी टल सकती थी। हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे कोहरे के मौसम में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था से लैस हैं।







