श्रीगंगानगर। देश की सबसे कठिन कानूनी प्रवेश परीक्षा CLAT 2026 के नतीजे घोषित होते ही राजस्थान की बेटी गीताली गुप्ता ने इतिहास रच दिया। मात्र 17 साल की इस छात्रा ने कुल 119 अंकों में से 112.75 हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की। ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम की 12वीं कक्षा की छात्रा ने अपनी अनोखी रणनीति से लाखों प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ दिया।
CLAT परीक्षा, जो 22 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज़ (NLU) में दाखिले का द्वार खोलती है, हर साल करीब एक लाख उम्मीदवारों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखती है। इस बार भी पेपर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन गीताली ने क्वांटिटेटिव टेक्निक्स में अपनी मजबूती से सभी को चौंका दिया। परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते ही उन्हें पेपर कठिन लगा, लेकिन उत्तरों का विश्लेषण करने पर विश्वास लौटा।
दैनिक योजना से बनीं चैंपियन
गीताली ने तय समय-सारणी की बजाय हर रोज नया अध्ययन प्लान बनाया और उसे निभाया—परीक्षा से ठीक एक रात पहले भी। कक्षा 11 के अंतिम चरण से गहन तैयारी शुरू की, जहां LegalEdge कोचिंग के रिकॉर्डेड लेक्चर और डाउट सेशन ने स्कूल परीक्षाओं के साथ संतुलन बनाया। जनरल नॉलेज उनकी सबसे बड़ी कमजोरी थी, लेकिन मॉक टेस्ट विश्लेषण से उन्होंने इसे मजबूती में बदल दिया। सोशल मीडिया पर नियंत्रण के लिए इंस्टाग्राम डीएक्टिवेट किया, धीरे-धीरे समय सीमा घटाकर।
ह्यूमैनिटीज से मैथ्स प्रेमी तक का सफर
पॉलिटिकल साइंस, इतिहास और सिविक्स की शौकीन गीताली को डिबेटिंग ने कानून की ओर खींचा। इंजीनियर भाई के विपरीत विज्ञान न चुनने के बावजूद मैथ्स में गहरी रुचि ने क्वांट सेक्शन में कमाल दिखाया। पिछले साल के टॉपर सक्षम गौतम की तरह ही यह उनकी ताकत बनी। तीन मुख्य सूत्र: खराब स्कोर पर हार न मानना, आत्म-करुणा के साथ निरंतरता, और मेंटर्स पर भरोसा।
भविष्य की राह: NLU बैंगलोर से कॉर्पोरेट लॉ
NLU बैंगलोर उनकी पहली पसंद, जहां प्रतिष्ठा करियर की नींव रखेगी। कॉर्पोरेट लॉ के साथ जज एडवोकेट जनरल (JAG) या न्यायपालिका पर नजर। सफलता को मेहनत-भाग्य का मिश्रण बताते हुए लॉ में लिंग भेदभाव के मिथक को नकारा।
गीताली की कहानी लाखों एस्पिरेंट्स के लिए प्रेरणा है—स्मार्ट मेहनत से असंभव संभव। आकांक्षियों को सलाह: पुराने पेपरों से इंग्लिश-लीगल रीजनिंग मजबूत करें। यह यात्रा साबित करती है कि सही दिशा में लगन ही असली विजेता बनाती है।
तैयारी की अनूठी रणनीति
फिक्स्ड स्टडी आवर्स के बजाय हर दिन अलग शेड्यूल बनाकर पूरा किया, परीक्षा से रात पहले भी।
क्लास 11 के अंत से गंभीर तैयारी, LegalEdge कोचिंग के रिकॉर्डेड लेक्चर्स से स्कूल-CLAT बैलेंस।
मॉक टेस्ट के बाद गहन एनालिसिस, GK और क्रिटिकल रीजनिंग जैसी कमजोरियों को डाउट सेशन्स से दूर किया।
चुनौतियां व समाधान
पेपर बाहर आते ही ‘बहुत कठिन’ लगा, लेकिन जवाब विश्लेषण से कॉन्फिडेंस लौटा।
सोशल मीडिया पर ग्रेजुअल कंट्रोल: इंस्टाग्राम डीएक्टिवेट, पहले टाइम लिमिट से शुरू।
तीन टिप्स: स्कोर पर निराश न होना, सेल्फ-कम्पैशन के साथ कंसिस्टेंसी, मेंटर्स पर भरोसा।
बैकग्राउंड और योजनाएं
पॉलिटिकल साइंस, डिबेटिंग से लॉ की ओर आकर्षित, NLU बैंगलोर टॉप चॉइस।
कॉर्पोरेट लॉ या JAG परीक्षा पर नजर, लॉ में जेंडर मिथक को खारिज किया।
सफलता को मेहनत-किस्मत का मिश्रण मानती हैं।








