बिहार के मंत्री और बांकीपुर के विधायक नितिन नबीन [ BJP ] को BJP का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा ने दी बधाई, विपक्ष ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए। दिल्ली में भाजपा संसदीय बोर्ड ने बिहार सरकार में मंत्री और बांकीपुर से लगातार विजयी विधायक नितिन नबीन को पार्टी का [ BJP ] राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर संगठन में बड़ा बदलाव संकेतित कर दिया। 45 वर्षीय नबीन को यह अंतरिम जिम्मेदारी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष [ BJP ] के चुनाव तक सौंपी गई है, जिसे पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की निर्णायक शुरुआत माना जा रहा है।
रविवार को हुई बैठक के बाद राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह [ BJP ] ने औपचारिक घोषणा की, जबकि सोमवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में सुबह 11 बजे उनके स्वागत कार्यक्रम की तैयारी की गई है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में वे सीधे तौर पर जेपी नड्डा के उत्तराधिकारी के रूप में उभर सकते हैं, जिनका कार्यकाल 2024 के बाद से बढ़ोतरी पर चल रहा था।
मोदी की बधाई, युवा नेतृत्व पर भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश जारी कर नितिन नबीन को मेहनती, जमीनी और संगठन-निष्ठ कार्यकर्ता बताते हुए नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं दीं। मोदी ने यह भी इशारा किया कि नबीन का संगठनात्मक अनुभव और कई बार के विधायक एवं मंत्री के रूप में उनका ट्रैक रिकॉर्ड आने वाले वर्षों में भाजपा को और मजबूती दे सकता है।
गृह मंत्री अमित शाह और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी नितिन नबीन को ‘युवा और ऊर्जावान’ नेतृत्व बताते हुए उनके कार्यकाल से संगठन [ BJP ] के विस्तार की उम्मीद जताई। पटना और दिल्ली के पार्टी दफ्तरों में कार्यकर्ताओं ने खुशियां मनाईं, नारेबाजी और पटाखों के साथ इसे बिहार से आए नेता के राष्ट्रीय उभार के रूप में देखा गया।
सबसे युवा अध्यक्ष बनने की संभावित दौड़
नितिन नबीन इस समय बिहार के बांकीपुर से पांचवीं बार विधायक हैं और उन्हें पार्टी के भीतर युवा चेहरों में शीर्ष पंक्ति का नेता माना जाता है। उनकी उम्र 45 वर्ष है और अगर भविष्य में उन्हें पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान सौंपी जाती है, तो वे भाजपा [ BJP ] के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा नेताओं में शुमार हो सकते हैं।
पार्टी रणनीतिकार इसे राष्ट्रीय नेतृत्व में ‘जेनरेशन शिफ्ट’ के तौर पर देख रहे हैं, जहां लंबे समय से केंद्र में सक्रिय जेपी नड्डा के बाद संगठन की बागडोर अब एक राज्यस्तरीय, लेकिन मजबूत जनाधार वाले चेहरे को सौंपी जा रही है। यह बदलाव 2029 की तैयारी और नए वोट बैंक, खासकर शहरी युवा व मध्यम वर्ग को साधने की कोशिश के रूप में भी पढ़ा जा रहा है।
विपक्ष के सवाल, ‘पर्ची सिस्टम’ का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने नितिन नबीन की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए प्रक्रिया की पारदर्शिता पर आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि निर्णय में व्यापक परामर्श की कमी रही। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसे ‘पर्ची सिस्टम’ करार देते हुए कहा कि भाजपा [ BJP ] में शीर्ष नियुक्तियां पार्टी कार्यकर्ताओं की राय की बजाय कुछ चुनिंदा नेताओं के बंद कमरे के फैसलों से तय हो रही हैं।
हालांकि, भाजपा [ BJP ] इस आलोचना को खारिज करते हुए कह रही है कि संसदीय बोर्ड सामूहिक रूप से फैसले लेता है और नितिन नबीन जैसे संगठननिष्ठ कार्यकर्ता को आगे लाना पार्टी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। पार्टी के एक धड़े का मानना है कि विपक्ष के हमलों से उलट, यह नियुक्ति भाजपा कैडर में युवा नेतृत्व के लिए प्रेरणा बनेगी।
नितिन नबीन की राजनीतिक यात्रा
पटना में जन्मे नितिन नबीन वरिष्ठ भाजपा नेता नबीन किशोर सिन्हा के बेटे हैं और छात्र राजनीति से आगे बढ़कर मुख्यधारा की राजनीति में आए। 2006 के उपचुनाव से विधानसभा में प्रवेश करने के बाद वे 2010, 2015, 2020 और 2025 के चुनावों में बांकीपुर सीट से लगातार जीत दर्ज कर चुके हैं, जिससे उनके क्षेत्रीय जनाधार और संगठनात्मक पकड़ की पुष्टि होती है।
बिहार सरकार [ BJP ] में वे सड़क निर्माण सहित कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और उन्हें तेज-तर्रार, मीडिया-फ्रेंडली लेकिन अनुशासित नेता के रूप में पहचाना जाता है। आरएसएस पृष्ठभूमि और युवा मोर्चा के अलग-अलग पदों पर लंबे समय तक काम करने के कारण उन्हें केंद्रीय नेतृत्व तक सीधे पहुंच रखने वाला नेता माना जाता है।
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