Sonu Sood : अवैध सट्टेबाजी के जाल में फंसे बॉलीवुड और क्रिकेट जगत के दिग्गजों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को शिकंजा कसा। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में युवराज सिंह, सोनू सूद Sonu Sood और नेहा शर्मा जैसे सितारों की संपत्तियों पर कार्रवाई हुई, जिसकी कीमत 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जा रही है।
बड़े नामों पर ईडी की नजर
ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत अंतरिम आदेश जारी कर ये संपत्तियां जब्त कीं। प्रभावित लोगों में पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह (2.5 करोड़), अभिनेता सोनू सूद Sonu Sood (1 करोड़), अभिनेत्री नेहा शर्मा (1.26 करोड़), रॉबिन उथप्पा (8.26 लाख), बंगाली अभिनेता अंकुश हाजरा (47 लाख), उर्वशी रौतेला की मां (2.02 करोड़) और पूर्व टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती (59 लाख) शामिल हैं। पहले ही शिखर धवन व सुरेश रैना की 11.14 करोड़ की संपत्ति सीज हो चुकी थी। सभी पर 1xbet जैसे प्रतिबंधित बेटिंग ऐप के प्रचार का आरोप है।

कैसे फंसे ये सितारे?
सूत्र बताते हैं कि सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर इस साइप्रस आधारित ऐप का जोर-शोर से प्रचार किया, बदले में अवैध कमाई ली। 1xbet 2007 से सक्रिय है, जो 70 भाषाओं में खेल दांव लगवाता है, लेकिन भारत में बैन है। ईडी का कहना है कि ऐप ने ठगी और टैक्स चोरी की, जिसकी कमाई को लॉन्डर किया गया। सोनू सूद से सितंबर में दिल्ली में 7 घंटे पूछताछ हुई, जहां पीएमएलए बयान दर्ज किया गया।
ऑनलाइन बेटिंग का काला कारोबार
ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के बाद सरकार ने रमी, पोकर जैसे ऐप्स पर पाबंदी लगाई। सूचना मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में चेतावनी दी कि 45 करोड़ लोग प्रभावित हैं, 20 हजार करोड़ का नुकसान हुआ। डब्ल्यूएचओ इसे गेमिंग विकार मानता है, जिससे लत, कर्ज और आत्महत्याएं बढ़ीं। 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने ड्रीम11 को स्किल गेम कहा, लेकिन चांस-बेस्ड बेटिंग कभी वैध नहीं रही। मनी लॉन्ड्रिंग व राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बन रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सट्टेबाजी ऐप 1xBet से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह, अभिनेता सोनू सूद Sonu Sood और नेहा शर्मा जैसे सेलेब्रिटीज की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। कुल जब्ती का मूल्य 1000 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। यह कार्रवाई PMLA के तहत अंतरिम आदेश पर की गई।

जब्त संपत्तियों का ब्योरा
ED ने विभिन्न सेलेब्स की निम्नलिखित संपत्तियां सीज की:
सोनू सूद Sonu Sood : लगभग 1 करोड़ रुपये।
मिमी चक्रवर्ती: 59 लाख रुपये।
युवराज सिंह: 2.5 करोड़ रुपये।
नेहा शर्मा: 1.26 करोड़ रुपये।
रॉबिन उथप्पा: 8.26 लाख रुपये।
अंकुश हाजरा: 47 लाख रुपये।
उर्वशी रौतेला की मां: 2.02 करोड़ रुपये।
इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन और सुरेश रैना की 11.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां पहले ही जब्त हो चुकी हैं। सभी पर 1xBet ऐप प्रमोट करने और उसके बदले मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।
1xBet ऐप और जांच का आधार
1xBet एक साइप्रस आधारित ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म है, जो 2007 से सक्रिय है और 70 भाषाओं में उपलब्ध है। भारत में यह प्रतिबंधित है, फिर भी सेलेब्स ने इसका प्रमोशन किया। ED का दावा है कि ऐप ने ठगी और टैक्स चोरी की, जिससे अवैध कमाई हुई। सोनू सूद से 24 सितंबर को 7 घंटे पूछताछ हुई।
सरकार का सख्त रुख
ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के बाद बेटिंग ऐप्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में कहा कि 45 करोड़ लोग प्रभावित हैं, 20,000 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ। WHO इसे गेमिंग डिसऑर्डर मानता है, जिससे लत, दिवालिया और आत्महत्याएं बढ़ रही हैं। मनी लॉन्ड्रिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा भी है।

संवाददाता की आवश्यकता है, सम्पर्क कीजिये – 8435113308
लगातार खबरों को देखने एवं पाने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक कीजिये
हमारे व्हाट्सअप ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक कीजिये
हमारे यूट्यूब वीडियो को देखने के लिए अभी लिंक पर क्लिक कीजिये
Singrauli – कलेक्टर गौरव बैनल पहुंचे जिला अस्पताल, सफाई संविदाकार एवं डाक्टर से दिखे नाराज
Sonu Sood : अवैध सट्टेबाजी के जाल में फंसे बॉलीवुड और क्रिकेट जगत के दिग्गजों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को शिकंजा कसा। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में युवराज सिंह, सोनू सूद Sonu Sood और नेहा शर्मा जैसे सितारों की संपत्तियों पर कार्रवाई हुई, जिसकी कीमत 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जा रही है।
बड़े नामों पर ईडी की नजर
ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत अंतरिम आदेश जारी कर ये संपत्तियां जब्त कीं। प्रभावित लोगों में पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह (2.5 करोड़), अभिनेता सोनू सूद Sonu Sood (1 करोड़), अभिनेत्री नेहा शर्मा (1.26 करोड़), रॉबिन उथप्पा (8.26 लाख), बंगाली अभिनेता अंकुश हाजरा (47 लाख), उर्वशी रौतेला की मां (2.02 करोड़) और पूर्व टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती (59 लाख) शामिल हैं। पहले ही शिखर धवन व सुरेश रैना की 11.14 करोड़ की संपत्ति सीज हो चुकी थी। सभी पर 1xbet जैसे प्रतिबंधित बेटिंग ऐप के प्रचार का आरोप है।

कैसे फंसे ये सितारे?
सूत्र बताते हैं कि सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर इस साइप्रस आधारित ऐप का जोर-शोर से प्रचार किया, बदले में अवैध कमाई ली। 1xbet 2007 से सक्रिय है, जो 70 भाषाओं में खेल दांव लगवाता है, लेकिन भारत में बैन है। ईडी का कहना है कि ऐप ने ठगी और टैक्स चोरी की, जिसकी कमाई को लॉन्डर किया गया। सोनू सूद से सितंबर में दिल्ली में 7 घंटे पूछताछ हुई, जहां पीएमएलए बयान दर्ज किया गया।
ऑनलाइन बेटिंग का काला कारोबार
ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के बाद सरकार ने रमी, पोकर जैसे ऐप्स पर पाबंदी लगाई। सूचना मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में चेतावनी दी कि 45 करोड़ लोग प्रभावित हैं, 20 हजार करोड़ का नुकसान हुआ। डब्ल्यूएचओ इसे गेमिंग विकार मानता है, जिससे लत, कर्ज और आत्महत्याएं बढ़ीं। 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने ड्रीम11 को स्किल गेम कहा, लेकिन चांस-बेस्ड बेटिंग कभी वैध नहीं रही। मनी लॉन्ड्रिंग व राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बन रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सट्टेबाजी ऐप 1xBet से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह, अभिनेता सोनू सूद Sonu Sood और नेहा शर्मा जैसे सेलेब्रिटीज की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। कुल जब्ती का मूल्य 1000 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। यह कार्रवाई PMLA के तहत अंतरिम आदेश पर की गई।

जब्त संपत्तियों का ब्योरा
ED ने विभिन्न सेलेब्स की निम्नलिखित संपत्तियां सीज की:
सोनू सूद Sonu Sood : लगभग 1 करोड़ रुपये।
मिमी चक्रवर्ती: 59 लाख रुपये।
युवराज सिंह: 2.5 करोड़ रुपये।
नेहा शर्मा: 1.26 करोड़ रुपये।
रॉबिन उथप्पा: 8.26 लाख रुपये।
अंकुश हाजरा: 47 लाख रुपये।
उर्वशी रौतेला की मां: 2.02 करोड़ रुपये।
इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन और सुरेश रैना की 11.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां पहले ही जब्त हो चुकी हैं। सभी पर 1xBet ऐप प्रमोट करने और उसके बदले मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।
1xBet ऐप और जांच का आधार
1xBet एक साइप्रस आधारित ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म है, जो 2007 से सक्रिय है और 70 भाषाओं में उपलब्ध है। भारत में यह प्रतिबंधित है, फिर भी सेलेब्स ने इसका प्रमोशन किया। ED का दावा है कि ऐप ने ठगी और टैक्स चोरी की, जिससे अवैध कमाई हुई। सोनू सूद से 24 सितंबर को 7 घंटे पूछताछ हुई।
सरकार का सख्त रुख
ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के बाद बेटिंग ऐप्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में कहा कि 45 करोड़ लोग प्रभावित हैं, 20,000 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ। WHO इसे गेमिंग डिसऑर्डर मानता है, जिससे लत, दिवालिया और आत्महत्याएं बढ़ रही हैं। मनी लॉन्ड्रिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा भी है।

संवाददाता की आवश्यकता है, सम्पर्क कीजिये – 8435113308
लगातार खबरों को देखने एवं पाने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक कीजिये
हमारे व्हाट्सअप ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक कीजिये
हमारे यूट्यूब वीडियो को देखने के लिए अभी लिंक पर क्लिक कीजिये
Singrauli – कलेक्टर गौरव बैनल पहुंचे जिला अस्पताल, सफाई संविदाकार एवं डाक्टर से दिखे नाराज







